इमरजेंसी लगाई थी तो इंदिरा ने किसी को भरोसे में लिया था क्या: मुरली मनोहर जोशी


भाजपा के वरिष्ठतम नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा अनुच्छेद 370 पर सबको भरोसे में नहीं लेने का विपक्ष के आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि देखिए, मैं इमरजेंसी का समर्थक नहीं हूं, ना था, मैं तो भुक्तभोगी हूं। पर जब इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाई तो किसी को भरोसे में लिया था क्या? हमारे युद्ध हुए हैं तो क्या हरेक को बताकर हुए, परमाणु विस्फोट हुआ तो क्या बताया था। कुछ चीजें राज्य संस्थाओं के हाथ में छोड़नी पड़ती है। दैनिक भास्कर ने उनसे बातचीत की… 

सवाल: 370 की लड़ाई आज इस मुकाम तक पहुंची, इस सफर को कैसे देखते हैं?
जवाब:  
इतिहास का एक लंबा दौर है। आजादी के बाद पहला बलिदान डॉ. मुखर्जी का था। देश की एकता-अखंडता को बनाए रखने के लिए एक राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष का बलिदान होता है। उस पार्टी ने इस बात को याद रखा। ये केवल राजनीतिक नहीं, चुनाव में हमें वहां क्या मिलेगा। इसमें चुनावी दृष्टिकोण अहम नहीं था। चुनाव राजनीतिक दलों के लिए अहम होता है, पर जनसंघ-भाजपा ने उससे भी महत्व देश की एकता-अखंडता, सुरक्षा को दिया

सवाल:  इस सफलता को कैसे महसूस करते हैं, आंदोलन में अहम हिस्सा रहे हैं?
जवाब: 
 आंदोलन अंतिम परिणाम तक पहुंच गया और अब इसमें आगे क्या होगा यह समय बताएगा। जनता या राजनीतिक दल कितनी बुद्धिमानी दिखाएंगे। पर केंद्र सरकार की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

सवाल:  370 खत्म होने से आतंकवाद खत्म हो जाएगा, आप भी ऐसा मानते हैं?
जवाब: 
370 के कारण से जो चीजें आई थीं अब वो उनकी जड़ें या बुनियाद बहुत गहरी हुई हैं। हमारी लड़ाई 370 को लेकर थी, हम आतंकवाद के लिए खिलाफ थोड़े न लड़े थे। जब 370 के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी तो कश्मीर में आतंकवाद ऐसा नहीं था। पाकिस्तानी, आईएसआई, तालिबानी जैसे नहीं थे।

सवाल:  अब आगे सरकार को क्या कदम उठाना चाहिए, आपकी कोई सलाह?
जवाब: 
ये तो सरकार को तय करना है। संप्रदाय में तनाव न हो, उनमें सौहार्द्र हो, भाईचारा हो। जम्मू-कश्मीरलद्दाख मिलाकर एक गुलदस्ता बनता है, ऐसे में विपक्ष के सुझाव पर भी ध्यान देना चाहिए खुले दिल से सुनना चाहिए, ताकि यह बिखरे नहीं।

सवाल:  राम माधव कह रहे हैं कि अब समान नागरिक संहिता की बारी है?
जवाब:
 ये अलग बात है। क्या समय आएगा क्या नहीं आएगा, इसको इससे क्यों जोड़ते हैं। इससे इस फैसले का महत्व कम क्यों किया जा रहा है। तीन तलाक पर पिछली बार भी विचार हुआ था। सरकार की घोषित नीति थी कि 370 को समाप्त करे, कर दिया।