रणथंभौर में इलाके को लेकर दो बाघों के बीच संघर्ष, एक को ट्रेंक्युलाइज किया गया


यहां रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में सोमवार को दो बाघ आपस में भिड़ गए। संघर्ष में दोनों बाघ घायल हो गए। मौके पर पहुंचे वन विभाग के दस्ते ने एक बाघ को ट्रेंक्युलाइज कर पकड़ा। इस बाघ के सिर, गर्दन, पैरों और छाती पर गंभीर चोट आई हैं। बाघ को उपचार के बाद वापस जंगल में छोड़ा जाएगा। वन अधिकारियों का कहना है कि इलाके को लेकर दोनों बाघों के बीच संघर्ष हुआ है।

जानकारी के मुताबिक,  रणथंभौर के जोन-10 में बाघ टी-42 और टी-109 भिड़ गए। काफी देर तक हुए इस संघर्ष में टी-109 गंभीर घायल हो गया। जबकि संघर्ष के बाद टी-42 वहां से चला गया। टी-109 को वन विभाग ने ट्रेंक्युलाइज कर पकड़ा। जिला वन अधिकारी मुकेश सैनी ने बताया कि रणथंभौर में अभी 71 बाघ-बाघिन हैं। जबकि यहां की क्षमता 50 बाघों की है। बाघों में भी मेल ज्यादा हैं। ज्यादा बाघ होने के कारण इलाके को लेकर अक्सर संघर्ष हो रहा है।

वन अधिकारी इस बात से भी चिंतित हैं कि मंगलवार से रणथंभौर पार्क सैलानियों के लिए खुलने जा रहा है। अधिकारी कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे। ऐसे में अब टी-42 बाघ को रणथंभौर में बने हुए एनक्लोजर में रखा जा सकता है। इसके बाद उसे वहां से शिफ्ट करने पर निर्णय होगा। अधिकारियों को इस बात की भी आशंका है कि टी-109 वही बाघ है जिसने 21 सितंबर को फरिया गांव में दो चरवाहों पर हमला कर दिया था। इसमें एक एक चरवाहे की जान चली गई थी। हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है।