अपहरण कर हत्या के मामले में कार्रवाई से नाराज लोगों का पुलिस पर किया पथराव, वाहन फूंके


पीलादर में रमेश पटेल का अपहरण कर हत्या के मामले में सोमवार तो उग्र भीड़ ने झरियाना बायपास पर पुलिस पर पथराव कर दिया। इस दौरान पुलिस के वाहन भी फूंक दिए गए। जिसके चलते जवाबी कार्यवाही करते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजी। इससे पहले रविवार और शनिवार को भी अलग-अलग जगह प्रदर्शन किया गया था। वहीं, मामले में दो युवक रमेश मीणा और पारस मीणा को गिरफ्तार भी किया गया है। दोनों को तीन दिन की रिमांड पर भेजा गया है।

पीलादर के रमेश पटेल की हत्या के विरोध में बड़ी संख्या में लोग झरियाना बायपास पर पहुंचे। इस दौरान सैंकड़ो संख्या में युवा, बुजुर्ग मौके पर पहिचे। लोग हत्यारों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले रविवार जयमसंद में भी पटेल समज के लोगों ने बंद रखा।

उग्र आंदोलन की दी थी चेतावनी

इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में बताया था कि रमेश पटेल के अपहरण की सूचना के बाद भी तीन दिन तक पुलिस आश्वासन देकर गुमराह करती रही। घटना के मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से अब भी दूर हैं। पटेल समाज ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था कि यदि 24 घंटे में पुलिस हत्या के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा नहीं दिलवाती है तो समाज उग्र आंदाेलन करेगा।

आरोपी बोला- लकड़ियों के अवैध कारोबार में लेन-देन को लेकर की थी हत्या 

जानकारी अनुसार आरोपी रमेश मीणा ने रमेश पटेल की हत्या पैसों की लेनदेन को लेकर करना बताया है। आरोपी और रमेश पटेल दाेनों के बीच अवैध लकड़ियों का कारोबार था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि 13 हजार रुपए और अन्य पैसों के लेनदेन को लेकर आए दिन विवाद होता था। आरोपी रमेश पटेल के घर आता-जाता रहता था। घटना के दिन आराेपी रमेश मीणा रात को घर गया था, रमेश पटेल काे साथ लेकर गया। पादड़ा गांव के रोड पर आरोपी ने फिर से रुपए का तकाजा किया। मना करने पर बाइक में छिपा रखी तलवार से हमला कर हत्या कर दी। हत्या के करने के बाद आरोपी झांबुड़ा निवासी रमेश मीणा और साथी पारस मीणा ने शव काे जयसमंद के जंगलों में फेंक दिया।