आपकी कुंडली में है कालसर्प दोष तो करे यह उपाय



आज के दिन नागों की पूजा का लोकपर्व नाग पंचमी मनाया जाएगा। आज के दिन हिन्दू समाज द्वारा सांप, सांप की बाम्बी व सर्प की आकृति पूजा की जाती है। पूजा में नाग देवता को अंकुरित अनाज व मीठे दूध का भोग लगाया जाता है। साथ ही कहानी सुनकर मनोकामना मागि जाती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार नाग पंचमी पर पूजन और हवन का श्रेष्ठ समय प्रातः 10.53 बजे से 2.12 बजे तक है। इसके अलावा शुभ के चौघडि़ए में अपराह्न 3.51 से शाम 5.30 बजे तक नाग देव की पूजा की जा सकेगी।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, जन्मकुंडली में जब राहू एवं केतु के मध्य सभी ग्रह आ जाते है तो कालसर्प दोष बनता है, उस दोष से मुक्ति के लिए नाग पंचमी के दिन जीवित सर्प-सर्पिनी के जोड़े को बंधन मुक्त कराया जाता है। इसके अलावा धातु से बने हुए सर्प-सर्पिनी का यंत्र की पूजा कर भगवान शिव को अर्पण किया जाता है। इससे कालसर्प दोष का निवारण होता है।

कालसर्प दोष के लक्षण :- ज्योतिष के अनुसार, जिसकी कुंडली में इस दोष की छाया रहती है उस राशि के व्यक्ति का जीवन या तो अतिनिर्धनता अथवा धनाढ्य अवस्था से होकर गुजरता है। शास्त्रों के अनुसार, सूर्य, चंद्रमा और गुरु के साथ राहू हो तो कालसर्प दोष होता है। कालसर्प दोष के कुल 12 प्रकार होते हैं। जिस व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष पाया जाता है उसके जीवन में कई प्रकार की समस्याएं आती हैं। जैसे दुर्घटना, चोट आदि लगना, अक्सर बीमार होना, पढ़ाई में बाधा आना, जीवन पर संकट आना। इसके अलावा विवाह के बाद तनाव और तलाक की स्थिति उत्पन्न होना, प्रगति में लगातार बाधा आना, परिजनों से धोखा मिलना, अत्यधिक मानसिक तनाव होना भी इस दोष के लक्षण होते हैं। दोष निवारण के

उपाय :- नाग पंचमी के दिन पूजन, दान आदि के अलावा अन्य दिनों में किए गए उपाय से भी कालसर्प दोष को शांत किया जा सकता हैं। इसके लिए यह उपाय करे.