एकल पात्र लाभार्थियों को फूड कूपन देने की पहल, 27 से अधिक पेट्रोल पम्पाें के विरूद्ध अभियोग दर्ज



जयपुर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री श्री बाबूलाल वर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की मंशा के अनुरूप प्रदेश में वरिष्ठ नागरिक एवं निःशक्तजन जैसे एकल पात्र लाभार्थी, जो खाद्य सुरक्षा योजना की ई-पात्रता सूची में सम्मिलित हैं ऎसे 33 हजार लोग जो किन्हीं कारणों से उचित मूल्य की दुकान पर पहुंचकर खाद्यान्न सामग्री प्राप्त करने में असमर्थ है को एकमुश्त 12 माह के लिए 12 फूड कूपन उपलब्ध कराते हुए लाभान्वित करने की शुरूआत की गयी है। इन फूड कूपन के जरिये लाभार्थी अपने रिश्तेदार/पड़ोसी या अन्य किसी व्यक्ति के माध्यम से अपना राशन घर बैठे प्राप्त कर सकता है।
श्री वर्मा सोमवार को राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर किसान भवन में आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना अंतर्गत प्रदेश की 26 हजार से अधिक उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से पारदर्शिता के साथ सितम्बर 2016 से नवम्बर 2017 तक पोस मशीनों के माध्यम से 16.93 करोड ट्रांजेक्शन किया जा रहा है। इससे कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रयास किया गया है। देश में राजस्थान ही एकमात्र ऎसा राज्य है, जहां 5919 अन्नपूर्णा भण्डार के माध्यम से एक ही छत के नीचेे आम उपभोक्ताओं को 350 से अधिक मल्टी ब्राण्ड वस्तुएं एमआरपी से 3 से 30 फीसदी कम दरों पर उपलब्ध कराई जा रहे हैं।
भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग में विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ द्वारा पहली बार ऑनलाइन पंजीयन कराकर लाइसेंस लेने की सम्पूर्ण प्रक्रिया का पूरी तरह सरलीकरण किया गया है। विधिक माप एवं ऑयल कंपनियों की संयुक्त टीम गठित कर पेट्रोल पम्प, गैस एजेन्सी एवं होटल रेस्टोरेन्ट इत्यादि की समय-समय पर नियमित जांच एवं निरीक्षण किया जाता है और कोई शिकायत आने या अनियमतता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ किसी भी तरह की कोई कोताही नहीं बरती गयी है। इसी वित्तिय वर्ष में 27 से अधिक पेट्रोल पम्पों के विरूद्व अभियोग दर्ज किये गये हैं। साथ ही विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 के अंतर्गत 6 एयरपोर्ट, 43 मिठाई की दुकान, वर्कशॉप के 11, र्धमकांटों के 2 एवं किराने की दुकानों के विरूद्व 24 अभियोग दर्ज किये गये हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान मंत्री ने बताया कि उपभोक्ताओं को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन 1800-180-6030, पोस मशीन से राशन सामग्री लेने के दौरान किसी भी तरह की समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन नं. 1800-180-6127 पर शिकायत दर्ज करायी जा सकती है। साथ ही उपरोक्त सभी समस्यों के निराकरण के लिए किसी भी समय कोई भी उपभोक्ता हाल ही विभाग की ओर से जारी व्हॉट्सऎप नम्बर 7230086030 पर संदेश द्वारा अपनी समस्या के समाधान के लिए सम्पर्क कर सकता है। नवाचार के रूप में प्रदेश के कुल 33 जिलों के 33 महाविद्यालयों में विद्यालयों की तर्ज पर उपभोक्ता क्लब भी शुरू किये गये हैं।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रदेश के 4.5 करोड़ पात्र लोगों को उनके हक की पूरी राशन सामग्री समय पर मिल रही है। पोस मशीन के माध्यम से पारदर्शिता के साथ 16.93 करोड़ का ट्राजेंक्शन होने से कालाबाजारी पर अंकुश लगा है।
उन्होंने बताया कि जनजातीय उप योजना के क्षेत्र (टीएसपी) में आने वाले दुर्गम इलाकों में 90 प्रतिशत लोगों को खाद्य सूची से जोडा गया है। राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से बारां जिले के 30 हजार एवं उदयपुर जिले के 1100 कथौडी परिवार जो अत्यंत गरीब है, को एनएफएसस के अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लाभान्वित किया जा रहा है।
जिन पात्र उपभोक्ताओं का पोस मशीन से सत्यापन नहीं हो पा रहा, आधार कार्ड नहीं है, प्रदेश के ऎसे 8061 पात्र लाभार्थियों को भी राशन सामग्री भौतिक सत्यापान कराकर दी जा रही है, जहां पोस मशीन के माध्यम से कनेक्टीविटी की समस्या आ रही है।
श्री वर्मा ने बताया कि आमजन के सुलभ अवलोकन हेतु सभी उचित मूल्य दुकानों एवं ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित सभी अटल सेवा केन्द्रों पर खाद्य सुरक्षा योजना अंतर्गत चयनित पात्र लाभार्थियों की ई-पात्रता सूची उपलब्ध है और इतना ही नहीं व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 10516 सनबोर्ड लगवाकर आम उपभोक्ताओं को विभाग की योजनाओं से लाभान्वित करने की पहल की गयी है।
आयोजित प्रेसवार्ता में शासन सचिव श्री राजीव सिंह ठाकुर, अतिरिक्त खाद्य आयुक्त श्री पी. रमेश, विभाग की उपायुक्त अंजू राजपाल, खाद्य मंत्री के विशिष्ठ सहायक श्री विभू कौशिक विभाग एवं खाद्य निगम के सभी अधिकारी उपस्थित रहे।