कार्तिक ने बीसीसीआई से बिना शर्त माफी मांगी, बोर्ड की अनुमति के बगैर सीपीएल के इवेंट में शामिल हुए थे

कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) की टीम ट्रिनबागो नाइटराइडर्स के ड्रेसिंग रूम में दिखाई देने के बाद दिनेश कार्तिक को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। कार्तिक ने बोर्ड से बिना शर्त माफी मांग ली है। वे बीसीसीआई की अनुमति लिए बिना ही सीपीएल के प्रमोशनल इवेंट में शामिल हुए थे। इसके बाद बोर्ड ने उनसे पूछा था कि आपका केंद्रीय अनुबंध रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए?

कार्तिक ने चार पॉइंट में अपने जवाब दिए। उन्होंने कहा कि वे कोच ब्रेंडन मैकुलम के अनुरोध पर पोर्ट ऑफ स्पेन गए और उन्हीं के अनुरोध पर ट्रिनबागो की जर्सी पहनकर मैच देखा। कार्तिक ने  माफी पत्र में लिखा, ‘मैं बीसीसीआई से अनुमति नहीं लेने के लिए बिना शर्त माफी मांगता हूं। मैंने न तो ट्रिनबागो से संबंधित गतिविधियों में हिस्सा लिया है और न ही उसके लिए कोई भूमिका निभाई।’ उन्होंने बोर्ड को भरोसा दिया कि वे त्रिनिदाद से लौटने तक बाकी मैचों के दौरान टीम के ड्रेसिंग रूम में नहीं जाएंगे।

कार्तिक

कार्तिक आईपीएल की टीम कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान हैं
बीसीसीआई को कार्तिक की कुछ तस्वीरें मिलीं थी। इसमें वे ट्रिनबागो नाइट राइडर्स टीम के ड्रेसिंग रूम में उसी टीम की जर्सी पहने ब्रेंडन मैकुलम के साथ बैठे थे। ट्रिनबागो के मालिक फिल्म अभिनेता शाहरुख खान हैं। कार्तिक आईपीएल टीम कोलकाता नाइटराइडर्स टीम के कप्तान भी हैं, जिसके सह-मालिक शाहरुख ही हैं।

बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी ने नोटिस जारी किया था
शनिवार को बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि बीसीसीआई की ओर से कार्तिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा था, ‘हमें कुछ फोटोग्राफ्स मिले थे, जिसमें कार्तिक ट्रिनबागो नाइट राइडर्स टीम के ड्रेसिंग रूम में नजर आ रहे हैं। इसके बाद बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी ने उन्हें नोटिस जारी करते हुए उनसे पूछा है कि उनका केंद्रीय अनुबंध रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए?’

केंद्रीय अनुबंधित क्रिकेटर निजी लीग में किसी तरह हिस्सा नहीं लेगा
बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, ‘एक केंद्रीय अनुबंधित क्रिकेटर के रूप में कार्तिक आईपीएल के अलावा किसी अन्य फ्रेंचाइजी लीग के साथ व्यापार नहीं कर सकते। बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध के क्लॉज के मुताबिक प्रथम श्रेणी के सभी सक्रिय क्रिकेटर्स को किसी भी निजी लीग के साथ किसी भी तरह से जुड़ने से रोकता है।’

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