नाबालिग को अगवा कर तीन जगह बेचा, देहशोषण करते रहे… चार गिरफ्तार


नाबालिग का अपहरण कर उसे कई स्थानों पर बेचकर लाखों रुपए कमाकर मानव तस्करी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए चार जनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक माह पूर्व अपहृत हुई नाबालिग को चंबल के बीहडों में एक घर से बरामद किया है। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि उसे कई स्थानों पर बेचा गया और उसके साथ देहशोषण किया गया।

डीएसपी सांवरमल नागौरा ने बताया कि 4 जून को नई मंडी थाने में नाबालिग के पिता ने रिपोर्ट दी थी कि उसकी पुत्री को पडौसी अशोक सैनी 28 मई को उठा ले गया।  जिस पर पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपित अशोक सैनी को जयपुर से दस्तयाब कर पूछताछ की गई, लेकिन अशोक सैनी का घटना में शरीक नहीं होना पाया गया। नाबालिग की बरामदगी के लिए तत्कालीन एसपी प्रीति चन्द्रा के निर्देश पर पुलिस टीम का गठन किया गया।

एएसआई रामस्वरुप सिंह सहित टीम ने नाबालिग के घर आने  जाने वालों एवं रिश्तेदारों के बारे में गहन पूछताछ की। जानकारी में आया कि करीब एक वर्ष पूर्व अखैपाल गुर्जर नामक युवक पीडिता के घर पर किराए से रहता था। कमरा खाली करने के बाद भी वह पीडिता के घर आता रहता था। जिसके आधार पर सरमथुरा के गांव बिरजा निवासी अखैपाल के घर दबिश देकर उससे पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

अन्य की तलाश
बरामद की गई नाबालिग ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसे कई जगह बेचा गया और जिन लोगों ने खरीदा, उन्होंने उसके साथ कई बार गलत काम किया। पुलिस ने अखैपाल, आशाराम, प्रदीप व राजू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि रामफल व अन्य की तलाश जारी है।

दोस्त की मदद से किया था अपहरण, फिर बेचा…
आरोपी अखैपाल ने बताया कि धौलपुर के गांव धीमरी निवासी उसके दोस्त प्रदीप की मदद से 28 मई को बाइक से वह किशोरी को भगाकर ले गए। यहां कुछ दिन अपने पास रखने के बाद परिचित आशाराम गुर्जर व राजू गुर्जर निवासी धौलपुर को दो लाख में बेच दिया। पुलिस ने बीहडों से आशाराम व राजू गुर्जर को पकड लिया, लेकिन नाबालिग बरामद नहीं हुई। दोनों ने बताया कि नाबालिग को राजू के मामा मुरैना मध्यप्रदेश के गांव देवगढ वरवागिस निवासी रामफल गुर्जर को 3 लाख 30 हजार में बेच दिया। बाद में देवगढ पुलिस की मदद से रामफल गुर्जर के रिश्तेदारों के घरा पर दबिश दी। जहां चंबल के सूनसान जंगल के छप्परपोश से नाबालिग को बरामद कर लिया। जबकि रामफल पकड में नही ंआया। पीडिता ने बताया कि रामफल ने भी कुछ दिन रखकर उसे एक व्यक्ति को चार लाख रुपए में बेच दिया था।