जानिए क्या होता है शनि की टेढ़ी नज़र का असर


शनि की टेढ़ी नज़र – शनि देव को ज्‍योतिषशास्‍त्र में क्रूर ग्रह माना गया है। जिस पर शनि देव की कृपा हो उसके जीवन के सारे कष्‍ट दूर हो जाते हैं। शनि देव मनुष्‍य के पाप और पुण्‍य के आधार पर उसे फल देते हैं।

शनि देव के बारे में कहा जाता है कि वो इंसान को उसके कर्मों का फल देते समय बिलकुल भी नरमी नहीं बरतते हैं।

शनि देव कब देते हैं पीड़ा

शनि की टेढ़ी नज़र अगर किसी पर पड़ जाए तो उसका जीवन कष्‍टों और समस्‍याओं से भर जाता है। अगर किसी की शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो तो उस इंसान को शनि देव द्वारा कष्‍ट झेलना पड़ता है।

वहीं शनि की महादशा और अंर्तदशा में भी शनि देव अशुभ प्रभाव देते हैं।

यदि कुंडली में शनि किसी अशुभ भाव में यानि की तीसरे, सातवे या दसवे भाव में विराजमान हो तो शनि का अशुभ प्रभाव मिलने लगता है।

शनि के पास होती है टेढ़ी नज़र

ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार हर ग्रह के पास एक दृष्टि होती है जिसे सातवी दृष्टि कहा जाता है लेकिन गुरु, मंगल और शनि के पास और भी दृष्टियां होती हैं।

सभी ग्रहों में शनि देव को सबसे ज्‍यादा शक्‍तिशाली माना जाता है। शनि देव के पास सातवी, तीसरी और दसवी दृष्टि भी होती है। जिस भी ग्रह या भाव पर शनि की ये दृष्टि पड़ जाए उसका नाश हो जाता है।

शनि की टेढ़ी नज़र का प्रभाव

शनि की टेढ़ी नज़र जातक को रोगी बना सकती है। इस वजह से व्‍यक्‍ति को पैरों का कोई रोग हो सकता है।

धन हानि भी शनि की टेढ़ी नज़र का ही प्रभाव होता है। व्‍यापार में नुकसान होना और धन ना बिलकुल ना टिकना शिन के कुप्रभाव की ओर इशारा करता है।