बिना काम के वेतन ले रहे विधायक कृष्णा पूनिया के पति, कागजों में कर रहे नौकरी


कांग्रेस की विधायक कृष्णा पूनिया के पति द्रोणाचार्य अवार्डी वीरेंद्र पूनिया रेलवे में पिछले एक साल से कागजों में नौकरी कर रहे हैं। वे जयपुर स्टेशन पर मुख्य टिकट निरीक्षक (सीटीआई/स्लीपर) के पद पर तैनात हैं। वे करीब एक साल से रजिस्टर से गायब हैं। उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं। फिर भी वे हर महीने सैलरी उठा रहे हैं। यही नहीं यह सब रेलवे के रिकॉर्ड में दर्ज है। बावजूद इसके रेलवे के जयपुर मंडल को इसकी खबर तक नहीं है।

मुझे इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं :

वीरेंद्र पूनिया ने कहा ‘मुझे इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना है। मैं तो बस खिलाड़ियों को देश हित की भावना से आगे बढ़ाने का दायित्व निभा रहा हूं। मुझे इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।’
कार्रवाई राजनैतिक द्वेष भावना से प्रेरित :

विधायक कृष्णा पूनिया  ने कहा ‘यह कार्रवाई राजनैतिक द्वेष भावना से प्रेरित है। मुझे परेशान करने के लिए मेरे परिवार को टारगेट किया जा रहा है। यदि मेरे पति एक साल से नौकरी नहीं कर रहे थे, तो तब विभाग क्या कर रहा था?’

रेलवे के स्पोर्ट्स अफसर बोले-मैंने तो सालभर पहले बता दिया था :

उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर के स्पोर्ट्स ऑफिसर,आरके अहलावत ने कहा ‘मैंने तो रेलवे के जयपुर मंडल को मार्च 2018 में ही इस संबंध में एक पत्र लिखकर पूरी जानकारी दे दी थी। इसके बाद मंडल ने वीरेंद्र पूनिया पर क्या कार्रवाई की, मुझे इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।’
पत्नी संग चुनाव प्रचार करते देखे जाने की शिकायत पर हुई जांच, तब सामने आई ढिलाई

  • रेलवे ने वीरेंद्र पूनिया को 25 फरवरी 2015 को गणपति नगर स्थित केपी सिंह स्टेडियम में बतौर एथलीट कोच नियुक्त किया था।
  • इसके बाद से ही वे अपने मूल विभाग की बजाय इस पद पर कार्य कर रहे थे।
  • पिछले दिनों राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी पत्नी एथलीट कृष्णा पूनिया कांग्रेस के टिकट पर सादुलपुर से विधायक का चुनाव लड़ा और जीत गईं।
  • सूत्रों की मानें तो किसी ने रेल मंत्रालय में वीरेंद्र पूनिया की शिकायत की कि उन्हें सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद चुनाव में पत्नी का प्रचार करते हुए देखा गया है। ऐसे में जब मामला रेल मंत्रालय ने उत्तर पश्चिम रेलवे को जांच करने के निर्देश दिए।
  • सामने आया कि पूनिया 31 मार्च 2018 के बाद से कहां नौकरी कर रहे हैं? विभाग को इसकी जानकारी ही नहीं है।
  • एनडब्ल्यूआर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा मंडल को यह अवगत कराया गया है कि पूनिया को 31 मार्च 2018 के बाद किसी भी खेल गतिविधि में कार्य नहीं लगाया गया है।
  • उनके द्वारा अटेंडेंस रजिस्टर में खुद ही उपस्थिति दर्ज की जा रही थी।
  • जयपुर मंडल द्वारा 28 मार्च 2018 को पूनिया का ट्रांसफर जयपुर से सीटीआई, अजमेर के पद पर कर दिया गया था लेकिन उन्होंने वहां जॉइन ही नहीं किया।