ब्रिटिश जहाज के मालिक का मोदी को पत्र- ईरान के कब्जे से 23 क्रू मेंबर्स को छुड़ाने में मदद करें


ब्रिटिश शिप ‘स्टेना इम्पेरो’ के मालिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ईरान के कब्जे से जहाज और उस पर सवार 23 क्रू मेंबर्स छुड़ाने के लिए मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने मोदी से कहा कि इस मामले में हस्तक्षेप करें और जल्द क्रू को रिहा करने के लिए बात करें। इस तेल जहाज को ईरान के सैनिकों ने 19 जुलाई को जब्त कर लिया था। ईरान के द्वारा बंधक बनाए लोगों में 18 भारतीय शामिल हैं। बाकी 5 लोग रूस, फिलीपींस और लातविया के हैं।

शिपिंग कंपनी स्टेना बल्क के सीईओ और अध्यक्ष एरिक हानेल मदद के लिए नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा, ”हार्मुज स्ट्रेट से होकर जा रहे एक जहाज को ईरानी सैनिकों ने जब्त कर लिया था। फिलहाल, उसके क्रू मेंबर्स बिना किसी वजह के बंदर अब्बास में बंधक हैं। इससे उनके परिजन काफी परेशान हैं। जहाज पर सवार हमारे सभी कर्मचारी बहादुर हैं।”

ईरान हमें अपना पक्ष नहीं रखने दे रहा: जहाज मालिक

हानेल ने कहा है कि हमारी कंपनी और क्रू अनुशासन का पालन कर रहे हैं। कोई अंतरराष्ट्रीय नियम नहीं तोड़ा। कई बार ईरान से जहाज तक पहुंचने की इजाजत मांगी, लेकिन वह हमें अपनी बात नहीं रखने दे रहा है। उन्होंने कहा कि जहाज किसी भी भू-राजनीतिक मामलों में शामिल नहीं था और न ही ऐसा कोई उद्देश्य था। हानेल ने भारतीय दूतावास के अधिकारियों के क्रू से मिलने पर मोदी को धन्यवाद कहा।

पहले ब्रिटेन ने ईरानी जहाज को जब्त किया था

कुछ दिन पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तेहरान में भारतीय दूतावास से जहाज पर सवार सभी कर्मचारियों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए ईरानी अधिकारियों से संपर्क बनाए रखने को कहा था। जिब्राल्टर स्ट्रेट में ब्रिटेन ने उसके एक तेल टैंकर ‘ग्रेस 1’ को जब्त कर लिया था। इसके बाद ईरान ने स्टेना इम्पेरो जहाज को 19 जुलाई को कब्जे में लिया था।