महिला के दिल का छेद बंद कर व वाल्व बदलकर दी जिन्दगी


एसएमएस अस्पताल के कार्डियो थोरेेसिक एंड वेस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने एक महिला के दिल में छेद बंद करने व वाल्व बदलने की सर्जरी सूक्ष्म चीरे से  कर नया जीवनदान दिया है। मेडिकल भाषा में वेंट्रीकुलर सेप्टल डिफेक्ट एवं महाधमनी के एओर्टिक वाल्व में अत्यधिक लीक था। और संक्रमण  के कारण पूरा खराब हो चुका था।  इस तरह का संभवन पहला ऑपरेशन करने का दावा किया है।

डॉक्टर के अनुसार ओपन हार्ट सर्जरी छाती के हड्डी को काटकर की जाती है। लेकिन अस्पताल में उनकी टीम ने छाती में छोटे से चीरे दिल की दो विकृतियों का ऑपरेशन किया है। जो विश्व में पहला है। एसएमएस अस्पताल सीटीवीएस विभाग के अध्यक्ष डॉ.अनिल शर्मा ने बताया कि धौलपुर निवासी महिला का वीएसडी एंव एवीआर बदलने का ऑपरेशन किया है।

फायदा

डॉ.अनिल शर्मा के अनुसार इस तरह की सर्जरी में बेहत्तर कॉस्मेटिक परिणाम, अस्पताल से जल्द डिस्चार्ज, सर्जरी के दौराम खून की आवश्यकता भी नहीं होती है। छाती की हड्डी काटने पर किसी तरह का संक्रमण भी नहीं होता है।

इनका कहना है….

अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने बहुत ही अच्छा सराहनीय कार्य किया है। महिला मरीज के 5 सेन्टीमीटर के छोटे से चीरे से दिल की दो विकृतियों की सर्जरी करने का विश्व में पहला ऑपरेशन  है। ऑपरेशन के बाद मरीज स्वस्थ है। डॉ.सुधीर भंडारी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज