मिलावटी खाद्य सामग्री या दवा बनाने-बेचने पर अब आजीवन कारावास


चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने गुरूवार को विधानसभा में कहा कि सरकार मिलावटी खाद्य पदार्थ और नकली दवाइयों के कारोबार को रोकने के लिए मिलावटी सामान और नकली दवाई बनाने एवं बेचने के दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को सजा में बदलाव करेंगे। अब गैर जमानती और आजीवन कारावास करने के लिए प्रस्तावित किया जाएगा।

डॉ. शर्मा विधानसभा में मांग संख्या-26 चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य और सफाई पर हुई बहस का जवाब दे रहे थे। शर्मा ने कहा इसके अलावा 62 ब्लॉक मुख्यालयों पर आयुर्वेद चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए विभागीय औषधालय प्रारम्भ किए जाएंगे। आयुर्वेद औषधालयों को चरणबद्ध रूप से ‘हैल्थ एंड वैलनेस सेन्टर्स’ के रूप में प्रोन्नत किया जाएगा।

इनमें योगाभ्यास, निःशुल्क आयुर्वेद उपचार एवं परामर्श तथा जड़ी-बूटियों की जानकारी दी जाएगी। 737 डाक्टर्स की भर्तियां करने जा रहे हैं,जिनकी विभागीय स्वीकृति मिल चुकी है। 2 हजार और डाक्टरों की भर्ती के लिए वित्त को प्रस्ताव भेज दिया है। इसी वर्ष बाड़मेर जिले में 100 एमबीबीएस सीट प्रवेश क्षमता का नया मेडिकल कॉलेज प्रारम्भ किया है।

सीकर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य व जिला अस्पताल का उन्नयन एवं विस्तार कार्य प्रगति पर है। इसको अगले शैक्षणिक सत्र से प्रारम्भ करेंगे। धौलपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी शीघ्र प्रारम्भ किया जायेगा। हर मरीज को इलाज सुनिश्चित करने के लिए राइट टू हेल्थ कानून को अंतिम स्वरूप देकर जल्द लागू करेंगे। जिला स्तर पर भी हेपेटाइटिस उपचार सुविधाएं सुलभ कराई जाएंगी।

गुजरात की‘दिल विदाउट बिल’ योजना की तर्ज पर प्रतिवर्ष एक हजार हृदय रोगियों का निःशुल्क उपचार कराया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा प्रति मरीज और उनके एक परिजन को अहमदाबाद अथवा राजकोट आने-जाने के व्यय के लिए 5 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। 5 नई खाद्य प्रयोगशालाएं भरतपुर, बीकानेर, बांसवाडा़, चूरू व जालौर को जल्द शुरू करेंगे। 85 आयुर्वेद औषधालयों के नवीन भवन निर्माण व मरम्मत कार्य किया जाएगा।

सदन में अन्य घोषणाएं
डूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के प्रधानसर में नया उप स्वास्थ्य केन्द्र खोला जाएगा। मगरा, डांग मेवात क्षेत्र के निवासियों को यूनानी चिकित्सा का लाभ देने के लिए यूनानी चिकित्सा मोबाइल यूनिट शुरू होगी।

भ्रूण हत्या रोकने और तेज करेंगे डिकोय आपरेशन
प्रदेश में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शिशु लिंगानुपात मात्र 888 था। शिशु लिंगानुपात में सुधार करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 की सख्ती से पालना करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 में लागू होने के बाद भू्रण लिंग परीक्षण में लिप्त लोगों को पकड़ने की योजना के तहत अब तक 45 इन्टर स्टेट सहित कुल 152 डिकॉय ऑपरेशन किये जा चुके हैं। वर्ष 2019 में अब तक 11 डिकॉय कार्यवाही की जा चुकी है। शीघ्र ही पडौसी राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक कर नयी रणनीति तय की जाएगी।