लाेन के लिए गिरवी रखे दस्तावेज खाेए, एसबीआई पर 50 लाख रुपए जुर्माना


जयपुर. राज्य उपभोक्ता आयोग ने लोन चुकता होने के बाद भी उपभोक्ता को उसकी संपत्ति व एफडी के दस्तावेज नहीं लौटाने और गुम कर देने के मामले में एसबीआई (तत्कालीन एसबीबीजे बैंक) पर 50.65 लाख रु. का हर्जाना लगाया है। आयोग ने परिवाद दायर करने की तिथि 25 अक्टूबर 2017 से हर्जाना राशि का भुगतान किए जाने तक 9% वार्षिक ब्याज भी देने काे कहा है।

आयोग के न्यायिक सदस्य कमल कुमार बागड़ी व सदस्य मीना मेहता की बेंच ने यह आदेश टाेंक राेड ग्लास फैक्ट्री निवासी विष्णु नारायण माथुर के परिवाद पर दिया। आयाेग ने बैंक के इस कृत्य काे अनफेयर ट्रेड प्रेक्टिस व गंभीर सेवा दोष माना।

अधिवक्ता देवेन्द्र मोहन माथुर ने बताया कि परिवादी विष्णु ने 14 अप्रैल 1981 को ग्लास फैक्ट्री स्थित अपने भूखंड पर बैंक से लोन लिया था। परिवादी ने सिक्योरिटी के लिए संपत्ति के मूल विक्रय पत्र अाैर 6,92,007 रु. की मैच्योरिटी राशि वाली एफडी बैंक में रहन रखी थी। उन्हाेंने 5 नवंबर 2014 को पूरा लाेन चुकता कर दिया। इसके बाद बैंक ने 9 जनवरी 2015 को उन्हें एनओसी भी दे दी। लेकिन कई बार मांगने के बावजूद संपत्ति के दस्तावेज व एफडीआर नहीं लौटाई।