आधी रात को जंगल में निर्वस्त्र हालत में मिली युवती, दो युवक व साथियों पर लगाए गंभीर आरोप


जयपुर. शहर के कानोता इलाके में आधी रात को जंगल में निर्वस्त्र हालत में एक युवती के मिलने की घटना से प्रशासन को हिला दिया। मंगलवार रात 2 बजे राहगीरों की सूचना पर आगरा रोड मुर्गी फार्म शनि मंदिर के पास पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को कपड़े देकर संभाला। इसके बाद तत्काल एसएमएस अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, बुधवार को पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव समेत आला पुलिस अधिकारी और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा मिलने पहुंचे।

पीड़िता का आरोप- खुद को मानवाधिकार आयोग का पदाधिकारी बताने वाले युवक ने केस में मदद के लिए ऐंठे रुपए

  1. कानोता थाने में पीड़िता युवती ने दीपेश, कपिल, डॉ. अनुराग व दो अन्य जनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। जिसमें रुपयों के लेनदेन विवाद में मारपीट कर शारीरिक रुप से प्रताड़ित करने और फिर निर्वस्त्र हालत में आगरा रोड पर जंगल में फेंकने का मामला दर्ज करवाया।
  2. केस की जांच एसीपी बस्सी मनस्वी चौधरी को सौंपी गई है। एडिशनल डीसीपी (पूर्व) ललित किशोर शर्मा के अनुसार 26 वर्षीया युवती ने पर्चा बयान में बताया कि वह फरवरी 2019 में दीपेश नाम के युवक से मिली थी। जिसने खुद को मानवाधिकार आयोग का पदाधिकारी बताया।
  3. आरोप है कि आपसी बातचीत में दीपेश ने ज्योति नगर थाने में दर्ज एक मुकदमे में पीड़िता की मदद करने की एवज में उससे करीब 50 हजार रुपए वसूल लिए। वह 20 मई को सचिवालय दीपेश से मिलने पहुंची। तब पता चला कि दीपेश कोई पदाधिकारी नहीं है। तब पीड़िता ने दीपेश से संपर्क किया।
  4. तब उसने मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए। तब पीड़िता मंगलवार रात करीब 9 बजे दीपेश के घर पहुंच गई। उसका आरोप है कि दीपेश के घर उसके परिजनों से मिली। तभी किसी ने भारी वस्तु से उसके सिर पर मारा। इससे वह बेहोश हो गई। होश आने पर खुद को एक कमरे में पाया।
  5. जहां दीपेश के अलावा कपिल और दो युवक मौजूद थे। वहीं,  आरोपी दीपेश किसी रेजीडेंट अनुराग को फोन कर उसे खत्म करने की बात कर रहा था। इसके बाद आरोपियों ने उसे सिगरेट से दागा। उसके हाथ-पैर बांध दिए। उसे शरीर के कई हिस्सों में इंजेक्शन लगाए।
  6. गुप्तांगों को चोट पहुंचाई। इसके बाद मुंह काला कर प्लास्टिक थैली से चेहरे को बांध दिया। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उसे निर्वस्त्र कर जंगल में फेंककर चले गए। तब किसी तरह घिसटते हुए वह रोड पर आई। राहगीरों ने उसे निर्वस्त्र हालत में देख पुलिस को सूचना दी।
  7. जानकारी के अनुसार पीड़िता पहले भी बगरू थाने और  ज्योति नगर थाने में दुष्कर्म के केस दर्ज करवा चुकी है। उसने एक रेजीडेंट के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। एसएमएस अस्पताल की अनुशासन समिति को रिपोर्ट दी थी। लेकिन समिति ने रेजीडेंट को क्लीन चिट दे दी। तब रेजीडेंट ने युवती के खिलाफ परिवाद दिया था।