मोदी ने 50 दिन में 142 रैलियां कीं, इनमें से 40% सिर्फ उप्र, बंगाल और ओडिशा में


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50 दिन के लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान में 142 रैलियां कीं। इस दौरान उनका ज्यादा फोकस उत्तरप्रदेश, बंगाल और ओडिशा की 143 सीटों पर रहा। यहां मोदी ने 54 यानी (40%) जनसभाएं कीं। 28 मार्च को उत्तरप्रदेश के मेरठ से शुरू हुआ उनका प्रचार अभियान 17 मई को मध्यप्रदेश के खरगोन में खत्म हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री ने चार रोड शो किए। अभियान के आखिरी दिन शुक्रवार को मोदी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी शामिल हुए।

प्रदेश रैली
उत्तरप्रदेश 29
पश्चिम बंगाल 17
ओडिशा 8

पिछले चुनावों में भाजपा ने उत्तरप्रदेश की 80 सीटों में से 71 पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, बंगाल में उसे 42 में से सिर्फ 2 और ओडिशा की 21 में से सिर्फ एक सीट मिली थी।

बंगाल-ओडिशा के सहारे 300 पार पहुंचने की रणनीति: भाजपा नेता

पार्टी के एक शीर्ष नेता ने न्यूज एजेंसी से कहा कि मोदी ने सपा-बसपा और रालोद के गठबंधन को टक्कर देने के लिए अपना सबसे ज्यादा फोकस उत्तरप्रदेश पर रखा। क्योंकि पार्टी को लग रहा था कि यहां 2014 की कामयाबी को दोहराना इस बार मुश्किल है। पार्टी ने बंगाल और ओडिशा के सहारे 300 सीटों के लक्ष्य को पार करने की रणनीति पर काम किया। इस बार यूपी में 60 सीट मिलने का भरोसा है।

बंगाल-ओडिशा से 30 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था
भाजपा नेता के मुताबिक, पार्टी की मंशा है कि बंगाल में प्रचार आक्रमक हो ताकि मतों का ध्रुवीकरण हो सके। बंगाल और ओडिशा में राह आसान करने के लिए संघ के वरिष्ठ नेताओं ने मदद की। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में पार्टी को झटका लगने पर बंगाल और ओडिशा में ज्यादा ताकत लगाई। पार्टी ने दोनों राज्यों से कम से कम 30 सीट जीतने का लक्ष्य रखा था।

छह राज्यों की 196 सीटों के लिए 50 रैलियां
नरेंद्र मोदी ने प्रचार अभियान में बिहार, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और गुजरात को भी महत्व दिया। 196 सीटों वाले इन छह राज्यों में 50 रैलियां कीं। पिछले चुनाव में यहां अकेले भाजपा को 150 और सहयोगी दलों की मदद से 167 सीटें मिली थीं। पार्टी ने गुजरात (26) और राजस्थान (25) में क्लीन स्वीप किया था। मध्यप्रदेश की 29 में से 27 और कर्नाटक की 28 में से 17 पर जीत हासिल की थी।

पूर्वोत्तर में भी मोदी की 8 रैलियां
प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वोत्तर के राज्यों में 8, झारखंड में 4, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा और छत्तीसगढ़ में 3-3, तेलंगाना, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, आंध्रप्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में 2-2 रैलियां कीं। जबकि दिल्ली और गोवा में एक-एक रैली की।