मोदी ने कहा- कर्मण्येवादिकारस्ते क्या होता है, यह सुषमाजी ने जीवन में दिखाया, राजनाथ बोले- वे जन-मन की नेता थीं

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को मंगलवार को श्रद्धांजलि दी गई। इस सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा सभी राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सुषमाजी ने पूरे विश्व में भारतीयों की मदद की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वे जन-मन की नेता थीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- सुषमाजी के व्यक्तित्व के अनेक पहलू थे। जीवन के अनेक पड़ाव थे। भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में एक अनन्य निकट साथी के रूप में काम करते-करते अनगिनत अनुभवों और घटनाओं के हम साक्षी हैं। व्यवस्था और अनुशासन के तहत जो भी काम मिले उसे जी-जान से करना और व्यक्तिगत जीवन में बहुत बड़ी ऊंचाई प्राप्त करने के बाद भी करना कार्यकर्ताओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।

वे विचारों की पक्की थीं: मोदी

उन्होंने कहा- इस बार जब सुषमाजी ने लोकसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया, वैसा ही फैसला उन्होंने पहले भी किया था। वे अपने विचारों में बड़ी पक्की रहती थीं। मैंने और वेंकैयाजी ने उनसे मुलाकात की तो उन्होंने मना किया। हमने उनसे कर्नाटक की विपरीत परिस्थितियों में चुनाव लड़ने का आग्रह किया था। उन्होंने परिणाम जानते हुए भी ऐसा किया। इस बार हमने उन्हें बहुत समझाया, लेकिन इस बार उन्होंने सार्वजनिक घोषणा कर दी।

6 अगस्त को सुषमा स्वराज का निधन हुआ था

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (67) का 6 अगस्त की रात को निधन हो गया था। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद एम्स में भर्ती किया गया था। निधन से 3 घंटे पहले सुषमा ने एक ट्वीट में कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी थी। इसमें उन्होंने लिखा था- जीवन में इसी दिन की प्रतीक्षा कर रही थी। मोदी ने सुषमा के निधन को निजी क्षति बताया था।

2014 से 2019 तक विदेश मंत्री रहीं

सुषमा 2009 और 2014 में विदिशा से लोकसभा चुनाव जीतीं। 2014 से 2019 तक वे विदेश मंत्री रहीं और दुनियाभर में भारतीयों को उन्होंने एक ट्वीट पर मदद मुहैया कराई। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के चलते 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। भाजपा की जीत के बाद मन जा रहा था कि वे दोबारा विदेश मंत्री बनेंगी, लेकिन उन्होंने खराब सेहत के चलते मंत्री पद नहीं लिया।

1973 में सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की
सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अंबाला में हुआ था। उनका परिवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा था। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और 1973 में सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस शुरू की। सुषमा का स्वराज कौशल से 1975 में विवाह हुआ। स्वराज कौशल वकील हैं। वे मिजोरम के गवर्नर भी रह चुके हैं। 1990 में देश के सबसे युवा गवर्नर बने, तब उनकी उम्र 37 साल थी। 1998 में वे हरियाणा विकास पार्टी के उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा सदस्य चुने गए। सुषमा को एक बेटी बांसुरी हैं। बांसुरी भी वकील हैं।

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