आमजन को ज्यादा से ज्यादा राहत मिले, यही सरकार की मंशा -मुख्य सचिव


जयपुर। मुख्य सचिव श्री डीबी गुप्ता ने कहा है कि सरकार की मंशा जन कल्याणकारी योजनाओं से ज्यादा से ज्यादा आमजन को लाभान्वित करना है। उन्होंने कहा कि ‘लोक अदालत ः न्याय आपके द्वार-2018‘ अभियान ऎसा अनूठा अभियान है, जिसके जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत दी जा सकती है।
श्री गुप्ता शुक्रवार को शासन सचिवालय के एनआईसी सेंटर में ‘लोक अदालत ः न्याय आपके द्वार-2018‘ अभियान के संबध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए चर्चा कर रहे थे। उन्होंने जिला कलेक्टरों से पूरी समर्पण की भावना और युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्रों में संपूर्ण प्रचार-प्रसार करने, अभियानों में विधायक, सांसद, जिला प्रमुख, संरपच, पार्षद सहित सभी जनप्रतिनिधियों को शामिल करने, अभियान की पूर्व तैयारी करने और अधिक से अधिक मामले निस्तारित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने इस अवसर पर सभी संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टरों से सीधे संवाद कर अभियान से जुड़ी तैयारियों और प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान कम प्रगति वाले जिलों को ज्यादा से ज्यादा केसेज सुलझाने के निर्देश दिए और बेहतर प्रदर्शन वाले जिला कलेक्टरों का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने कहा कि अधिकारीगण अभियान से पहले भी क्षेत्रों में दौरे करके उनकी समस्याओं को जानने और सुलझाने की प्रक्रिया भी शुरू करें। उन्होंने कहा कि जितने ज्यादा लोगों के काम इन अभियानों में होंगे उतनी ही जनता को राहत मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि न्याय आपके द्वार अभियान के तहत राजस्थान काश्तकार अधिनियम के तहत दायर मुकदमों के अन्तर्गत लम्बित अपीलों, राजस्व वादों, विभाजन, गैर खातेदारी से खातेदारी राजस्व अभिलेखों में लिपिकीय त्रुटियों का शुद्धिकरण, नए राजस्व ग्रामों के लिए नॉर्म्स के अनुसार प्रस्ताव तैयार करना, ग्राम पंचायत की राजस्व सम्बन्धी शिकायतों का चिन्हीकरण, सम्बन्धी कार्य अभियान के दौरान निस्तारित किए जाते हैं। इन शिविरों की विशेषता है कि इनमें तहसीलदार, पटवारी, सरपंच व भू-प्रबंधन से जुड़े लोग एक ही जगह मौजूद होते हैं। जिससे किसी भी स्तर पर आवश्यक दस्तावेज शिविर में ही उपलब्ध हो जाते हैं। हर चरण की सुनवाई भी वहीं हो जाती हैं।
इस अवसर पर राजस्व, कृषि एवं पशुपालन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, जनजातीय क्षेत्र विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, ऊर्जा, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी, योजना, आयुर्वेद, महिला एवं बाल विकास, श्रम एवं रोजगार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के प्रमुख शासन सचिवों ने अपने-अपने विभागों से जुड़ी तैयारियों के बारे में मुख्य सचिव को अवगत करवाया और संंबंधित विभागों से जुड़ी जिला कलेक्टरों की समस्याओं को भी समझा।