ममेरे भाई-बहन फंदे से झूल दी जान,सामूहिक आत्महत्या की एक माह में चौथी घटना


बाड़मेर में आत्महत्याओं की घटनाएं थम नहीं रही है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि पढ़ने-लिखने की उम्र में प्रेम जाल में फंस कर युवा जान दे रहे हैं। इनमें भी अधिकतर की उम्र भी 14 से 18 साल ही है। चौहटन इलाके में आत्महत्या का आंकड़ा सबसे ज्यादा है। गुरुवार को रामसर इलाके में 14 साल की किशोरी ने 23 साल के युवक के साथ पेड़ से फंदा लगा आत्महत्या कर ली। युवक अहमदाबाद से किशोरी के पास पहुंचा और दाेनों ने फांसी लगा ली। दोनों ममेरे भाई-बहन हैं, पिछले कुछ समय से दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था।

रामसर थानाधिकारी विक्रम सांदू ने बताया कि रात 1.30 बजे सूचना मिली कि सेतराऊ में एक पेड़ से लटक एक किशोरी और युवक ने जान दे दी है। इस पर मौके पर पहुंच दोनों की शिनाख्त की। 14 साल की एक किशोरी व बिंजासर के जोगाराम (23) ने सेतराऊ में पेड़ से लटक जान दे दी। दोनों के शवों को उतार रामसर अस्पताल लाया गया। यहां पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार सुबह परिजनों को सुपुर्द कर दिए। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग था और उसकी की वजह से दोनों पेड़ से फंदा लगा आत्महत्या कर ली। दोनों रिश्ते में ममेरे भाई-बहन हैं।

शादी में ननिहाल गई किशोरी, युवक ने फंसाया 
किशोरी तीन माह पूर्व ननिहाल शादी में गई थी, वहीं ममेरे भाई से उसकी दोस्ती हो गई। धीरे-धीरे दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी। लड़की 5वीं तक पढ़ी थी। माता-पिता ने स्कूल छुड़वा दिया था। माता-पिता के फोन से युवक से बातचीत होती थी। बुधवार को युवक सीधे सेतराऊ आया और किशोरी को फोन किया। दोनों ने खेत में आत्महत्या कर ली। दोनों के पास कोई सुसाइड नोट या अन्य कोई दस्तावेज नहीं मिला है।

ये आत्महत्याएं जिन्होंने डराया और चौंकाया भी 
दो किशोरियों के साथ एक युवक ने एक ही पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। यह घटना 13 अप्रैल, 2018 की है। चौहटन के सरूपे का तला गांव में मोबाइल पर हुई दोस्ती के बाद प्रेम-प्रसंग के चलते दोनों ने एक युवक के साथ फांसी लगा ली।
चौहटन के बावड़ी कल्ला गांव में गत 26 जून एक विवाहिता ने 5 बेटियों के साथ टांके में कूद आत्महत्या कर ली। सामने आया कि बेटे की चाहत थी। इसलिए मां ने मानसिक तनाव में यह कदम उठाया।
लीलसर में युवक-युवती ने कनपटी पर पिस्टल से फायर कर जान दे दी थी। पिस्टल से फायर कर आत्महत्या करने का यह पहला मामला था, जिसमें दोनों ने खुद के फोटो-वीडियो भी वायरल किए थे।

सोशल मीडिया के जाल में फंसने के बाद बदनामी का डर 
चौहटन सहित आत्महत्या से जुड़े मामलों की पड़ताल करने पर सामने आया कि प्रेम-प्रसंग की असली वजह मोबाइल पर सोशल मीडिया के जरिये युवा फंस रहे हैं। फेसबुक, व्हाट्सएप पर दोस्ती प्रेम-प्रसंग तक पहुंच जाती है, जब परिजनों को या किसी को भनक लगती है तो बदनामी के डर से जान दे देते हैं। लीलसर में बंदूक से प्रेमी जोड़े की आत्महत्या, बालोतरा के पास चचेरे भाई-बहन, खुडासा और सणपा मानजी में चचेरे भाई-बहन, सेतराऊ की घटना में भी यही प्रमुख कारण सामने आया।

रिश्ते भाई-बहन के, प्रेम-प्रसंग में जान दे रहे 
28 जून को गोहड़ का तला में बालिका के साथ युवक ने फंदा लगा आत्महत्या कर ली।
9 जुलाई को बालोतरा के पास चचेरे-भाई ने ट्रेन के आगे जान दे दी। आरोप प्रेम-प्रसंग के थे, लेकिन सुसाइड नोट में उन्होंने रिश्ते को बदनाम करने से परेशान होकर आत्महत्या करना बताया।
14 जुलाई को खुडासा में तीन दिन पहले घर से फरार हुए चचेरे-भाई बहन से सुनसान खेत में पेड़ से फंदा लगा जान दे दी। आत्महत्या के तीन दिन बाद परिजनों को मिले शव सड़ चुके थे।
16 जुलाई सिणधरी के सणपा मानजी में चचेरे भाई-बहन और भाभी ने प्रेम-प्रसंग के चलते नाडी में कूद आत्महत्या कर ली। तीनों के शव नाडी में पैर बंधे हुए मिले थे।