टॉक जर्नलिज्म में रवीश कुमार ने कहा, भूत-प्रेतों ने टीवी चैनलों में घुसपैठ कर ली


कश्मीर की जनता पिछले 45 दिन से किस दर्द से गुजर रही है। यह बंद कमरे में महसूस कर सकते हैं। नफरत फैलाने वालों की कमी नहीं है। इसीलिए लड़कियों से मैं कहना चाहूंगा कि वे ऐसे लड़कों से सावधान रहे, जो किसी तबके से नफरत करते हैं क्योंकि वो कभी अच्छा दोस्त, प्रेमी, पति और भाई नहीं बन सकतें। आजकल भूत प्रेतों ने टीवी चैनलों में घुसपैठ कर ली है ये बातें रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड से सम्मानित पत्रकार रवीश कुमार ने कही। मौका था, दिल्ली रोड स्थित होटल फेयरमॉन्ट में चल रहे टॉक जर्नलिज्म का।

रवीश कुमार ने स्पीकिंग ट्रुथ टू पावर सेशन में कहा, हमारे यहां तो डीओपीटी मिनिस्टर भी बेझिझक उन्हें ब्लॉक कर देते हैं जो उनसे अपने भविष्य और परेशानियों से जुड़े मुद्दों पर सवाल कर रहे हैं। टीवी एंकर अलोकतांत्रिक और हिंसक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके भाव और भाषा में गुस्सा, घाव और चुप कराने की धमकियां होती हैं। सच कहूं तो देश में अभी भी हिंदी क्षेत्रों के पत्रकार पत्रकारिता का इरादा लेकर ही इस क्षेत्र में आते हैं। लेकिन उन्हें असल में पत्रकारिता करने की आजादी नहीं मिलती। 2014 के बाद से भूत प्रेतों ने टीवी चैनलों में घुसपैठ कर ली है। तब से खबरों की जगह खत्म हो गई।

पुलितजर अवाॅर्डी यूजीन रॉबिंसन ने जर्नलिस्ट सचिन कालबाग के सवाल के जवाब में कहा- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिटीजंस को अपने ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट पर ब्लॉक कर दिया था। उन्होंने ऐसा इसीलिए किया, क्योंकि लोगों ने उनसे उनके ऑफिशियल अकाउंट पर सवाल पूछे जिससे उन्होंने 7 सिटीजंस को ब्लॉक कर दिया था। फिर कोर्ट का इस मामले में आदेश आया था कि वे ऐसा नहीं कर सकते हैं। ट्रंप का अपना शैडो नेटवर्क लगातार चल रहा है, जो सिर्फ उनकी अपनी बातों का प्रचार प्रसार करता है। जो कि मुख्य धारा की मीडिया से बिल्कुल अलग चलता है।

वहीं अधिकतर समय वे अपनी बातों से पलट जाते हैं, इसीलिए उनकी बातों के वॉइस रिकॉर्ड हम रखते हैं। इस वक्त अमेरिका के लिए सबसे बड़ा चैलेंज यह है कि ट्रंप के कार्यकाल खत्म होने के बाद सिटीजंस का वापस नॉर्मल होना मुश्किल होगा। हम अमेरिका के सिस्टम में छिपी खामियों को बाहर लाने के लिए लगातार खबरें कर रहे हैं। ट्रंप लगातार अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकांडट पर लोग को असमंजस में डाले हुए है और ये पता नहीं चल पाता कि कौनसी न्यूज सहीं है और कौनसी गलत है।