प्रतिभाओं को तराशने के लिए वातावरण बनाने की जरूरत – गृहमंत्री


जयपुर। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि देश एवं प्रदेश की उन्नति के लिए बेहतरीन शैक्षिक स्तर की जरूरत है, उन्होंने शिक्षक वर्ग का आह्वान किया है कि वे संकल्पबद्ध होकर विद्यार्थी प्रतिभा को तराशने का कार्य करें।
श्री कटारिया बुधवार को उदयपुर के रेजीडेंसी बालिका सीनियर सैकण्डरी विद्यालय में “सुपर क्लासेज“ संचालन में सहयोग देने वाले शिक्षकों एवं अब तक कोई छात्रवृत्ति न लेने वाली विद्यार्थी प्रतिभाओं के सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरकार के कारगर प्रयासों से राजस्थान शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े राज्यों की श्रेणी से ऊपर उठा है। बालिका प्रोत्साहन एवं विद्यार्थी कल्याण की योजनाओं से सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक स्तर से बड़ा परिवर्तन आया है। उन्होंने विद्यार्थी वर्ग का आह्वान किया कि वे अपने बौद्धिक स्तर को पहचानें और श्रेष्ठ बनकर समाज व राष्ट्रसेवा में योगदान दें।
उन्होंने सुंदर सिंह भण्डारी चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से राजकीय विद्यालयों में संचालित सुपर-20 क्लासेज में निःस्वार्थ अध्यापन कराने वाले शिक्षकों के सेवा कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। श्री कटारिया ने रेजीडेंसी विद्यालय के भौतिक एवं विद्यार्थी कल्याण के लिए आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आश्वस्त करते हुए तखमीना बनाने के निर्देश शाला प्रशासन को दिए।
समारोह में शिक्षा उपनिदेशक भरत मेहता, समाजसेवी लोकेन्द्र सिंह राठौड़, रेजीडेंसी की प्रधानाचार्य श्रीमती उर्मिला त्रिवेदी ने अपने उद्बोधन में शैक्षिक उन्नयन, शाला विकास एवं सेवा कार्यों आदि पर विस्तार से चर्चा की।
इन्हें मिला सम्मान
समारोह में श्री कटारिया एवं अन्य अतिथियों के हाथों विभिन्न 23 विद्यालयों के कक्षा नौ से बारहवीं तक के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को एक-एक हजार तथा सुपर 20 क्लासेज में निःस्वार्थ अध्यापन सेवाएं देने वाले 10 अध्यापकों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम संयोजक कमल बाबेल ने बताया कि ये पारितोषिक मंत्री श्री कटारिया के वैवेकिक अनुदान कोष से प्रदान किए गए हैं।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. ममता बोलिया ने किया जबकि आभार जिला शिक्षा अधिकारी नरेश डांगी ने किया। समारोह में पार्षद श्रीमती शोभा मेहता, समाजसेवी देवनारायण धाभाई सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्य लोग मौजूद थे।