अब आईटी से लिखा जा रहा सुनहरा भविष्य : मुख्यमंत्री


जयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि राजस्थान का मतलब केवल इतिहास नहीं है बल्कि आईटी और टेक्नोलॉजी के माध्यम से लिखा जा रहा सुनहरा भविष्य भी है। अब राजस्थान की पहचान आईटी के मॉडल स्टेट के रूप में बन चुकी है। ऊर्जा से भरपूर और डिजिटल तकनीक से लैस हमारे युवा प्रदेश के सुनहरे भविष्य की इबारत लिख रहे हैं। यह गर्व की बात है कि हमारे युवा राजस्थान के कोने-कोने से निकल कर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
श्रीमती राजे ने यह बात बुधवार को जयपुर स्थित कॉमर्स कॉलेज में ’राजस्थान डिजिफेस्ट जयपुर-2018’ के समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद के सदस्य श्री मोहनदास पई के साथ संवाद के दौरान कही। उन्होंने कहा कि आईटी के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। आज के समय में डिजिटल तंत्र हमारे जीवन की हर गतिविधि में शामिल हैंं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी आकांक्षाओं के अनुरूप अपनी स्किल का विकास करें ताकि वे डिजिटल प्रतिस्पर्धा के युग में अपने को तैयार कर सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के इस युग में युवा ही बदलाव के वाहक हैं और ’डिजिफेस्ट’ तथा ’आईटी-डे’ जैसे आयोजनों में उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने और आत्मविश्वास को बढ़ाने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि यहां आयोजित किए गए ’टेकरश’ और ’ग्रीनाथॉन’ में युवाओं का भरपूर रूझान देखने को मिला है।
पीपुल फस्र्ट की अवधारणा पर काम कर रही हमारी सरकार
श्रीमती राजे ने कहा है कि हमारी सरकार पीपुल फस्र्ट की अवधारणा पर काम कर रही है।     हमारा प्रयास तकनीक का इस्तेमाल कर प्रदेश के सर्वांगीण विकास को गति देना है। उन्होंने कहा कि विकास में हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में जब हम सरकार में आए थे, तो राजस्थान में डिजिटल आधारभूत ढांचा नहीं के बराबर था और आईटी से संबंधित हर नवाचार के लिए हम दूसरे राज्यों की तरफ देखते थे, लेकिन आज राजस्थान आईटी के क्षेत्र में मॉडल स्टेट बन गया है और दूसरे राज्य हमारे नवाचारों को अपना रहे हैं।
भामाशाह प्लेटफॉर्म पर अब तक 36 करोड़ ट्रांजेक्शन 
मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान कहा कि प्रदेश की भामाशाह योजना देश में प्रत्यक्ष लाभ हस्तान्तरण (डीबीटी) का सबसे व्यापक और सफल प्लेटफार्म है, जिससे 1.5 करोड़ परिवारों के माध्यम से 5.5 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। भामाशाह प्लेटफार्म पर अब तक 36 करोड़ कैश और नॉन-कैश ट्रांजेक्शन हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में 51 हजार से अधिक ई-मित्र केन्द्र संचालित हैं, इनसे नागरिक सेवाओं की डिलीवरी का कायापलट हुआ है। आज पूरे देश के एक चौथाई नागरिक सेवा केन्द्र राजस्थान में हैं।
जयपुर हैकेथॉन ने बनाया रिकॉर्ड
श्रीमती राजे ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्थापित आई स्टार्ट नेस्ट इनक्यूबेटर से प्रदेश के नए युवा उद्यमियों को दुनियाभर की वैन्चर कैपिटल संस्थाओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जयपुर डिजिफेस्ट में 6 हजार 400 से अधिक लोगों ने हैकेथॉन में भाग लिया, जो एक रिकॉर्ड है। उन्होंने तीसरे डिजिफेस्ट एवं हैकेथॉन की सफलता के लिए आईटी विभाग के अधिकारियों को बधाई दी।
राजे मोस्ट टेक्नोसेवी चीफ मिनिस्टर
मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद के सदस्य श्री मोहन दास पई ने संवाद के दौरान कहा कि राजस्थान की मुख्यमंत्री मोस्ट टेक्नोसेवी चीफ मिनिस्टर है। मुख्यमंत्री के दूरदर्शी विजन से राजस्थान में इस क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। मुख्य सचिव श्री एनसी गोयल ने स्वागत संबोधन में प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से आए बदलावों की जानकारी दी। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अखिल अरोरा ने प्रदेश में हो रहे आईटी नवाचारों से अवगत कराया।
ये हुए उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बीकानेर, भरतपुर एवं जोधपुर में अभय कमाण्ड सेंटर के साथ ही उदयपुर के आई स्टार्ट नेस्ट इनक्यूबेटर, झालाना नेचर पार्क में वाइल्ड लाइफ सर्विलांस प्रोजेक्ट, िंहंदी एवं अंग्रेजी में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित राजस्थान चेट बोट हैल्प डेस्क का उद्घाटन किया।
     उन्होंने भारत के पहले सर्विस एटीएम भामाशाह एटीएम तथा ई-मित्र प्लस कियोस्क की शहरी क्षेत्रों के लिए लॉन्चिंग भी की। साथ ही उन्होंने जयपुर के सूचना केंद्र में बनने वाली राजस्थान आईटी फन सिटी का शिलान्यास भी किया। यह फन सिटी पांच माह में बनकर तैयार होगी। उन्होंने डिजिटल राजस्थान यात्रा पुस्तक का विमोचन भी किया।
ई-गवर्नेंस के लिए दिए पुरस्कार
श्रीमती राजे ने स्टार्ट अप्स के लिए 500 करोड़ रूपये से स्थापित भामाशाह टैक्नो फण्ड से एक स्टार्ट अप एडूपल्स मीडिया प्रा.लि. के लिए मंजूर 20 लाख रुपए के ऋण की स्वीकृति का पत्र भी दिया। उन्होंने कोटा डिजिफेस्ट में शुरू किए गए चैलेंज फॉर चेंज इनीशिएटिव के तहत अमृत धारा वाटर प्रोजेक्ट लिमिटेड को एक करोड़ रुपए के अनुबंध का पत्र भी दिया। उन्होंने स्टार्ट अप उद्यमियों को गोल्ड क्यू-रेट कार्ड भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हैकेथॉन सहित अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को अवार्ड प्रदान किए तथा ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले राज्य सरकार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राजस्थान ई-गवर्नेंस अवार्ड प्रदान किए।
राजे ने प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान इलेक्टि्रकल इंस्पेक्टोरेट विभाग, औषधि नियंत्रण संगठन, मूल्यांकन विभाग के आईटी एप, डिजिटल विजिटर रजिस्टर, पीएचईडी के राजनीर, राजस्थान प्रोक्योरमेंट पोर्टल के राजपेमेंट, विभिन्न योजनाओं में पात्रता जांच के लिए स्वावलम्बन, राज्य सरकार के उपक्रमों के लिए राज-ईआरपी तथा सिटीजन एप्प एवं टै्रफिक डाइवर्जन पोर्टल राजधरा का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर गृह मंत्री श्री गुलाबचंद कटारिया, खेल एवं युवा मामलात मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, महापौर श्री अशोक लाहोटी, जिला प्रमुख श्री मूलचंद मीणा, मुख्य सचिव श्री निहालचंद गोयल, पुलिस महानिदेशक श्री ओपी गल्होत्रा, जन प्रतिनिधि, अधिकारी, देश-विदेश से आए उद्यमी, नवोदित उद्यमी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।