सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे में एडमिशन से रोक हटी


हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश काे रद्‌द करते हुए प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों के एनआरआई कोटे में एडमिशन पर लगी रोक शुक्रवार को हटा दी। एकलपीठ ने 12 जुलाई को महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलोजी की याचिका पर यह रोक लगाई थी।

जस्टिस एम रफीक व एनएस ढड्‌ढा की खंडपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार की अपील पर दिया। अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी को सरकारी कॉलेजों के 15% एनआरआई कोटे में एडमिशनों को लेकर याचिका के जरिए चुनौती देने का कोई आधार ही नहीं था। महाधिवक्ता महेन्द्र सिंह सिंघवी ने कहा कि सरकार ने 2015 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटा केबिनेट में नीतिगत निर्णय लेकर लागू किया था। इसमें कहा था कि शैक्षणिक सत्र 2014-15 के बाद से हर साल मेडिकल कॉलेजों में जितनी सीटें बढ़ेंगी, उसका 15% कोटा एनआरआई के लिए होगा।

इसके बाद राज्य सरकार ने 29 अप्रैल 2019 को एक आदेश जारी कर एनआरआई कोटे में प्रवेश के लिए नियम व प्रावधान बनाए। इस आधार पर ही सरकार ने 31 मई 2019 तक पीजी में और 5 जुलाई तक यूजी में एडमिशन दे दिए। ऐसे में एकलपीठ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एनआरआई कोटे में एडमिशन पर रोक के आदेश को रद्द किया जाए। दरअसल एमजीयू ने राज्य सरकार के 29 अप्रैल के आदेश को एकलपीठ में याचिका दायर चुनौती देते हुए कहा था कि एनआरआई कोटे में एडमिशन का अधिकार राज्य सरकार को नहीं है और यह कोटा प्राइवेट संस्थानों के लिए है। इसलिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एनआरआई कोटे में एडमिशन पर रोक लगाई जाए।