महबूबा मुफ्ती की हिरासत पर बेटी ने कहा, मां को परेशान किया जा रहा, सरकार का फैसला असंवैधानिक


जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को हिरासत में ले लिया गया। इस पर महबूबा मुफ्ती की बेटी सना मुफ्ती ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि मेरी मां को हिरासत में लिए जाने की जरूरत नहीं थी, वो तो पहले से ही हाउस अरेस्ट थीं।

सरकार का फैसला असंवैधानिक : सना मुफ्ती

  1. जैनब सिकंदर नाम की एक पत्रकार ने इस ऑडियो को ट्विटर पर शेयर किया और लिखा, “महबूबा मुफ्ती की बेटी सना मुफ्ती ने मुझे यह वॉयस नोट भेजा। इसे आप सभी के साथ साझा कर रही हूं।”
  2. ट्विटर पर शेयर ऑडियो के मुताबिक सना ने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि मेरी मां को हिरासत में लिए जाने की जरूरत थी, वो तो पहले से ही हाउस अरेस्ट थीं। उन्हें किसी से भी मिलने की इजाजत नहीं थी। ये उनको परेशान करने के लिए और उनके मनोबल को तोड़ने वाला कदम है।”
  3. ऑडियो में कहा गया, “सरकार का फैसला असंवैधानिक है। 370 हटाने से कश्मीर के लोग गुस्से में हैं। वहां रहने वाले लोगों को इस बारे में कोई जानकारी तक नहीं थीं। कश्मीर के लोगों के कब तक घर के अंदर बंद रखेंगे। क्या इस फैसले से कश्मीर के लोगों की भलाई होगी। क्या यही अखंड भारत है? आपने लोगों का हक छीन लिया।”
  4. कश्मीर के माहौल को देखते हुए जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उप प्रमुख उमर अब्दुल्ला को हिरासत में लिया गया। दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को वीवीआईपी राज्य अतिथि गृह ‘हरि निवास’ में रखा गया है। धारा 370 को रद्द करने से पहले घाटी में सीआरपीसी की धारा 144 लगाई गई थी। जम्मू और कश्मीर के विशेष दर्जे को भंग करने की केंद्र की घोषणा से पहले महबूबा और उमर दोनों को 4 अगस्त को घर में नजरबंद कर दिया गया था।