चिदंबरम मामले पर सिब्बल ने कहा- क्या किसी नागरिक को अपनी बात रखने का भी हक नहीं


पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम को बुधवार को आईएनएक्स मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया। इस पर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने गुरुवार को कहा कि कानून से जुड़ी बिरादरी के लिए यह बहुत चिंता की बात है। यह देश के नागरिकों के लिए भी चिंता की बात होनी चाहिए। हम केवल सुनवाई चाहते थे, लेकिन जज ने मामले को चीफ जस्टिस को भेज दिया। क्या किसी नागरिक को अपनी बात रखने का भी अधिकार नहीं है?

वहीं, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह बेहद दुखद है। इसमें कानून के प्रति जवाबदेही वाली कोई बात नहीं थी। मामला शुक्रवार के लिए लिस्टेड है। सुप्रीम कोर्ट क्या करना चाहता है, यह देखने तक इंतजार करना चाहिए था। सरकार को किस बात की हड़बड़ी थी?

‘चिदंबरम ने पहले सरेंडर किया होता तो सम्मान बचा रहता’

बागपत से भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह ने कहा कि चिदंबरम जी केंद्रीय वित्त और गृह मंत्री रह चुके हैं। वह बुद्धिजीवी हैं और उन्हें कानून पता है। उन्हें कोर्ट के आदेश के बाद इस तरीके से व्यवहार नहीं करना चाहिए था। जो हुआ वह सही नहीं था। अगर उन्होंने पहले सरेंडर कर दिया होता तो उनका सम्मान बचा रहता।

चिदंबरम की गिरफ्तारी केंद्र की साजिश- राहुल

राहुल गांधी ने बुधवार को चिदंबरम के खिलाफ ईडी और सीबीआई की कार्रवाई को केंद्र की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चिदंबरम की छवि खराब करने के लिए एजेंसियों और बिना रीढ़ वाले मीडिया के एक वर्ग का इस्तेमाल कर रही है। मैं ताकत के इस गलत इस्तेमाल की निंदा करता हूं। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद देर रात ईडी और सीबीआई चिदंबरम के घर पहुंची थी, लेकिन वे नहीं मिले।

हम चिदंबरम के साथ, सच के लिए लड़ते रहेंगे- प्रियंका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा था, “चिदंबरम जी राज्यसभा के एक सम्मानित सदस्य हैं, जिन्होंने दशकों से वित्त मंत्री और गृह मंत्री के तौर पर देश की पूरी ईमानदारी से सेवा की। वे बेहिचक सच बोलते हैं और इस सरकार की नाकामियों को सामने लाते हैं। लेकिन डरपोकों के लिए सच असुविधा का कारण बनता है और इसीलिए एजेंसियां शर्मनाक तरीके से उनके पीछे पड़ी हैं। हम उनके साथ खड़े हैं और सच के लिए लड़ते रहेंगे, फिर चाहे जो भी नतीजा हो।”