एक साल का जुर्माना ही 11,215 करोड़ रु., चार साल में वसूले गए सिर्फ 566 करोड़


खानों से खनिज भरकर निकलने वाले वाहनों में ओवरलोडिंग का मायाजाल देखिए कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने 2014 से 2017 तक चार साल में ओवरलोडिंग वाहनों पर कार्रवाई के नाम पर 566 करोड़ रुपए वसूल किए जबकि एसडीआरआई की 2018-19 में ओवरलोड वाहनों को लेकर की गई जांच में एक साल में ही जुर्माना 11,215 करोड़ रुपए बनना पाया गया है। खनन उद्योग में माल ढुलाई में काम आ रहे ट्रकों और परिवहन विभाग की चालान कार्रवाई का मिलान करने के बाद एसडीआरआरआई ने यह खुलासा किया है। खानों से माल भरकर सड़क पर उतरने वाले वाहनों को जारी ई-रवन्ना, ट्रांजिट पास और परिवहन विभाग के चालान के डाटा का एनालिसिस करने के बाद यह आंकड़ा सामने आया।

यह आंकड़ा सिर्फ खनन की ओवरलोडिंग का है
97,325 ट्रकों ने ओवरलोड करके 74,07,561 ट्रिप किए। इन ट्रकों पर परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार 11,215 करोड़ का जुर्माना बनता है। दूसरी तरफ परिवहन विभाग की ओवरलोड वाहनों पर प्रदेश भर में की गई कार्रवाई में चार साल में मात्र 566 करोड़ रु. वसूले गए। 2014-15 में परिवहन विभाग ने 212.45 करोड़, 2015-16 में 124.61 करोड़, 2016-17 में 124.78 करोड़ और 2017-18 में 104.24 करोड़ रुपए वसूले। यानी अकेले खान विभाग के डाटा एनालिस से पकड़ी गई टैक्स चोरी के मुकाबले परिवहन विभाग की ओर से की गई वसूली नाममात्र की रही।

मुख्य सचिव के स्तर पर होगी बैठक
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव डीबी गुप्ता जल्द ही खान, परिवहन, वित्त विभाग और एसडीआरआई के अधिकारियों की बैठक बुलाने जा रहे हैं। ओवरलोडिंग करने वाले ट्रक मालिकों से वसूली के लिए सरकार एमनेस्टी स्कीम ला सकती है। खान विभाग को पाबंद किया जाएगा कि खान से खनिज भरकर निकलने वाले ट्रकों में उनकी क्षमता से ज्यादा खनिज नहीं भरा जाए।

रिकवरी के लिए एमनेस्टी स्कीम लाएंगे : मंत्री
परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा- ओवरलोडिंग का मामला गंभीर है। पूरी जांच कराएंगे। एसडीआरआई की रिपोर्ट का अध्ययन करवाकर ओवरलोड करने वाले ट्रक मालिकों से रिकवरी के लिए एमनेस्टी स्कीम लाएंगे। भाजपा सरकार में ओवरलोडिंग खतरनाक स्तर पर थी। हमने तो सरकार में आते ही मार्च में ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान भी चलाया था।