कश्मीर से जुड़ी टिप्पणी के लिए भारतीय क्रिकेटरों ने अफरीदी को घेरा



भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना और गीतकार जावेद अख्तर ने कश्मीर से जुड़ी विवादित टिप्पणी के लिए शाहिद अफरीदी पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज को पाकिस्तानी सेना को घाटी में शांति बनाए रखने के लिए आतंकवादियों की मदद बंद करने की सलाह देनी चाहिए।

गौरतलब है कि अफरीदी ने कश्मीर घाटी की स्थिति को लेकर चिंता जतायी थी जिसपर क्रिकेटर गौतम गंभीर ने उनका मजाक उड़ाया था। आज रैना ने ट्विटर पर अफरीदी को जवाब दिया। मूल रूप से कश्मीर के रैना ने लिखा, ” कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। कश्मीर वह पवित्र भूमि है जहां मेरे पूर्वजों का जन्म हुआ। मुझे उम्मीद है कि शाहिद अफरीदी पाकिस्तानी सेना से हमारे कश्मीर में आतंकवाद एवं परोक्ष युद्ध रोकने को कहेंगे। हम शांति चाहते हैं, रक्तपात और हिंसा नहीं।”

जावेद अख्तर ने भी ऐसे ही विचार व्यक्त किए। उन्होंने ट्वीट किया, ” प्रिय अफरीदी, चूंकि आप ऐसा शांतिपूर्ण जम्मू- कश्मीर देखना चाहते हैं जहां मानवाधिकारों का कोई उल्लघंन ना होता हो, कृपया आप इस बात पर ध्यान देंगे कि पाकिस्तानी आतंकी घुसपैठ बंद कर दें और उनके प्रशिक्षण शिविर बंद कर पाक सेना अलगाववादियों की मदद करनी रोक दे।

पूर्व भारतीय खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने कहा कि अगर पाकिस्तानी क्रिकेटर अब भी आईपीएल में खेल रहे होते तो अफरीदी ने टिप्पणी नहीं की होती।

कैफ ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ” पैसा बोलता है। अगर पाकिस्तानी खिलाड़ी अब भी आईपीएल में खेल रहे होते तो लगता नहीं कि अफरीदी ऐसी टिप्पणी करता। इसके बजाय उन कारणों की निंदा करने की सख्त जरूरत है जिससे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने की अनुमति नहीं मिली है( और ये कारण हैं)- पाकिस्तान से आतंकवादियों की घुसपैठ और पाकिस्तान का अलगाववादियों को समर्थन।” कैफ ने कहा, ” हम शांति और प्यार चाहते हैं लेकिन शांति दोनों तरफ से ही स्थापित हो सकती है।”

इसी बीच भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि देश हित उनके लिए सर्वोपरि है। ” एक भारतीय के रूप में आप वही कहना चाहते हैं जो आपके देश के लिए सबसे अच्छा है और मेरे हित हमेशा हमारे देश के फायदे से जुड़े हैं। पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा कि अफरीदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने मुंबई में कहा, ” मेरे पास उसके लिए कोई समय नहीं है। वह कौन है? हम उसे महत्व क्यों दे रहे हैं।

हमें इस तरह के लोगों को महत्व नहीं देना चाहिए। अगर दुनिया के एक कोने में बैठा कोई व्यक्ति कुछ कहता है तो मुझे लगता है कि सबसे अच्छा होगा कि इस पर प्रतिक्रिया न दी जाए।”