प्रधानमंत्री के नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक


जयपुर। मुख्य सचिव श्री डी.बी. गुप्ता ने प्रधानमंत्री के 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत गठित अल्पसंख्यक कल्याणार्थ समिति की बैठक में सभी बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय का उनकी जनसंख्या के अनुपात के अनुसार विकास हो एवं उनके लिए विद्यालय शिक्षा में सुधार हो।
श्री गुप्ता की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री के नवीन 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अन्तर्गत बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) परिवर्तित नाम प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) योजना की समीक्षा बैठक का आयोजन सोमवार को शासन सचिवालय के कांफ्रेंन्स हॉल में किया गया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक आबादी के अनुसार विकास कार्य किए जाएं एवं विद्यालयों एवं आईटीआई की संख्या भी बढ़ाई जाए।
बैठक में अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग की शासन सचिव श्रीमती श्रेया गुहा ने विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों को 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अन्तर्गत किए गए विकास कार्यक्रम का प्रस्तुतिकरण देते हुए समीक्षा की। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार को भिजवाने के लिए लगभग 267 करोड़ रुपये के कुल 1620 नए प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।  उन्होंने बताया कि मदरसों के बच्चों को कौशल विकास के कार्यक्रम से जोड़कर मिडिल ईस्ट देशों के व्यवसाय एवं उद्योग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
बैठक में 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अन्तर्गत एकीकृत बाल विकास सेवाओं की समुचित व्यवस्था, विद्यालय शिक्षा, उर्दू शिक्षा, मदरसा शिक्षा का आधुनीकीकरण, छात्रवृत्ति, तकनीकी शिक्षण आदि विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों से उनके विभाग से सम्बन्धित जानकारी मांगी गई।
इस अवसर पर पंचायती राज विभाग के शासन सचिव श्री कुंजीलाल मीणा, गृह विभाग के सचिव श्री रोहित कुमार, योजना विभाग के संयुक्त सचिव श्री सुभाष गुप्ता, वित्त विभाग (व्यय) के विशिष्ट सचिव, श्री एस.के. सोलंकी व अन्य सम्बन्धित विभाग के अधिकारीगण मौजूद थे।