प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने माना- अमेरिकी अखबार के पत्रकार खाशोगजी की हत्या मेरी निगरानी हुई


सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि पिछले साल अमेरिकी अखबार के पत्रकार जमाल खाशोगजी की हत्या की जिम्मेदारी मैं लेता हूं क्योंकि इस घटना को अंजाम मेरी निगरानी में दी गई थी। पब्लिक ब्रोडकास्टिंग सर्विसेज की एक डॉक्यूमेंट्री में प्रिंस ने यह बात कही है। इसका प्रसारण अगले हफ्ते खाशोगजी की हत्या के एक साल पूरे होने से ठीक पहले 1 अक्टूबर को किया जाएगा।

पिछले साल तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में सऊदी अरब के दूतावास में खाशोगजी की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से मोहम्मद बिन सलमान ने सार्वजनिक तौर पर इस पर कोई बयान नहीं दिया था। केंद्रीय जांच एजेंसी (सीआईए) और कुछ पश्चिमी देशों की सरकार ने कहा था कि उनकी हत्या के लिए सऊदी प्रिंस ने आदेश दिए थे। लेकिन सऊदी के अधिकारियों ने कहा था कि खाशोगजी की हत्या में प्रिंस की कोई भूमिका नहीं है।

खाशोगजी की हत्या के आदेश स्काइप पर दिया गया था

  1. शुरुआत में सऊदी अधिकारियों ने खाशोगजी की हत्या से इनकार किया था लेकिन बाद में उन्होंने कुछ लोगों पर हत्या का दोष मढ़ा। सरकारी वकील ने कहा कि तब के उप-खुफिया प्रमुख ने खाशोगजी को वापस देश लाने का आदेश दिया था। इसके लिए उन्हें वापस देश लाने को लिए वार्ता की गई। जब उनके वापसी का प्रयास विफल रहा तो मुख्य वार्ताकार ने उनकी हत्या करने के आदेश दे दिए।
  2. वकील ने रायटर्स के हवाले से बताया कि प्रिंस के शीर्ष सलाहकार सउद अल-काहतानी ने हत्यारों को स्काइपे पर हत्या करने के आदेश दिए थे। स्मिथ ने जब उनसे पूछा कि उनकी हत्या को अंजाम कैसे दी गई? इस पर प्रिंस मोहम्मद ने कहा, “हमारे पास दो करोड़ लोग हैं। हमारे पास 30 लाख सरकारी कर्मचारी हैं।” स्मिथ ने जब उनसे पूछा कि क्या हत्यारों ने निजी सरकारी जेट लिया था? इस पर प्रिंस ने जवाब दिया, “मेरे पास अधिकारी, मंत्री हैं जो इन सब चीजों को फॉलो करते हैं और वे जिम्मेदार हैं। उनके पास ऐसा करने का अधिकार है।”
  3. अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जून में रायटर्स को बताया था कि ट्रम्प प्रशासन ने हत्या के पीछे के कारणों की पड़ताल करने के लिए सऊदी अरब पर दबाव बनाए हुए थे। इस हत्या के लिए 11 सऊदी नागरिकों पर गुप्त तरीके से कार्रवाई की जा रही है और इस पर केवल कुछ ही सुनवाई पूरी हुई है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रिंस मोहम्मद और अन्य सऊदी अधिकारियों के खिलाफ जांच करने की सिफारिश की गई थी।
  4. खाशोगजी अमेरिकी समाचार पत्र वॉशिंगटन पोस्ट को कॉलमनिस्ट थे। उन्हें आखिरी बार 2 अक्टूबर को इस्तांबुल के सऊदी अरब के दूतावास के बाहर देखा गया था। वह वहां अपनी होनेवाली शादी के लिए आवश्यक कागजात प्राप्त करने गए थे। उनकी हत्या के बाद उनके शरीर को छिन्न-विछिन्न कर दिया गया था और गायब करवा दिया था। उनके शव को बरामद नहीं किया जा सका था।