प्रधान, जिला प्रमुख एवं बैंकों के पदाधिकारियों को भी नहीं मिलेगा ऋण माफी का लाभ



जयपुर। प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री अभय कुमार ने शनिवार को बताया कि राजस्थान फसल ऋण माफी योजना, 2018 के तहत पात्र किसानों को ऋण माफी का लाभ दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी बैंकों यथा सार्वजनिक, प्राईवेट, सहकारी बैंक इत्यादि के पदाधिकारी, कार्मिक एवं पेंशनर्स किसानों को योजना से अलग कर दिया गया है। ऎसे किसानों को ऋण माफी का लाभ नहीं मिलेगा।
रजिस्ट्रार, सहकारिता श्री राजन विशाल ने बताया कि इसी प्रकार राज्य एवं केन्द्रीय स्वायत्तशासी संस्थाओं एवं सार्वजनिक उपक्रमों के पदाधिकारी, कार्मिक एवं पेंशनर्स किसान भी फसल ऋण माफी योजना, 2018 के पात्र नहीं माने जायेंगे। इसके अलावा पंचायतीराज संस्थाओं के कार्मिक एवं पंचायत समिति के वर्तमान प्रधान और जिला परिषद के वर्तमान जिला प्रमुख किसान भी योजना के पात्र नहीं होगें।
श्री राजन ने बताया कि सहकारी क्षेत्र की संस्थाओं के पूर्णकालिक कार्मिक भी अब योजना का हिस्सा नहीं होगें। उन्होंने बताया कि निर्धारित की गई श्रेणियों में आश्रित किसानों को भी योजना के अन्तर्गत देय लाभ से पृथक किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिये परिपत्र जारी कर दिया गया है तथा सभी केन्द्रीय सहकारी बैंकों के प्रबन्ध निदेशकों को निर्देश दे दिये गये हैं।