समूहों के माध्यम द्वारा व्यवसाय करने वालों को ऋण देने में होगी प्राथमिकता



जयपुर । अनुजा निगम द्वारा एससीएसटी एवं अन्य पिछड़े वगोर्ं के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये दिये जाने वाले ऋण योजना में समूह बनाकर व्यवसाय करने वालों को ऋण देने में प्राथमिकता दी जावेगी, जिससे ऋण की समय पर अदायगी होगी,वहीं लोगों में मिलकर व्यापार करने की प्रतिस्पद्र्धा पैदा होगी।
            सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं अनुजा निगम के प्रशासक श्री जे0 सी0 महान्ति ने शुक्रवार को यहां सहकार भवन के सभागार में आयोजित अनुजा निगम की 14 वीं साधारण सभा की अध्यक्षता करते हुये उपस्थित सदस्यों को सम्बोधित करते हुये यह बात कही। उन्होंने कहा कि अधिकांश ऋणी अपने कार्य तथा व्यवसाय में सफल नही हो पा रहे है। इन कारणों का विश्लेषण कर ऋणी को विभिन्न प्रकार मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान करने का नये सिरे से प्रयास किया जावेगा।
          अनुजा निगम के प्रशासक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट घोषणा में निगम के कार्य को एक नया अवसर प्रदान करते हुये राज्य सरकार ने 114 करोड़ रुपये का ऋण माफ किया जिससे प्रदेश के 20 हजार 354 ऋणी लाभार्थी लाभान्वित होगें। उन्होने कहा कि अब कोई भी ऋणी डिफाल्टर नही हो, इसके लिये ऋण देने से पूर्व ऋणियों को सामूहिक कौशल प्रशिक्षण दिया जावेगा साथ ही ऋणियों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों की नियमित प्रभावी मॉनोटरिंग की जावेगी।
           श्री महान्ति ने बताया कि प्रत्येक गांव से 5-5 एवं जिला स्तर से 20-20 लोगों का समूह बनाकर चयन किया जावेगा। उनसे 30 अप्रेल 2018 के आवेदन लेकर 30 जून 2018 तक सभी को व्यवसायों का चयन कर ऋण देने का कार्य पूरा करेगें, इनमें केश कला, मोची, मोटर रिक्षा, प्लम्बर, मिटटी कला आदि के कार्य करने वालों को प्राथमिकता दी जावेगी। उन्होने कहा कि सदस्यो द्वारा अनुदान राशि बढ़ाने, विधवा को ऋण में प्राथमिकता, अंशदान समय पर दिलवाने, दिव्यांग जन को समय पर ऋण देने, शिक्षा ऋण, आय प्रमाण-पत्र को सरलीकरण करने आदि के प्राप्त सुझाावों पर गम्भीरता से कार्य किया जावेगा।
ऋण माफी पत्र लाभार्थी के घर पहुचेगें। श्री महान्ति ने कहा कि मुख्यमंत्री के हस्ताक्षरों से अनुसूचित जाति जनजाति, सफाई कर्मचारी, दिव्यांगजन एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के ऋणियों को 2 लाख तक के ऋण माफी पत्र मुख्यमंत्री के हस्ताक्षरों से लाभार्थियों के घर 30 जून 2018 तक पहुचेगें। उन्हाेंने ऋणियों से आग्रह किया कि वे अनावश्यक निगम के कार्यालय में चक्कर नहीं लगावें।
इस अवसर पर अनुजा निगम के महाप्रबन्धक श्री शीशराम चावला ने निगम द्वारा संचालित गतिविधियों की विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि वर्ष 2017-18 में 20 हजार 777 व्यक्तियों को लाभान्वित कर 18 करोड 28 लाख खर्च किये तथा वर्ष 2018-19 में 19 करोड़ रुपये व्यय किया जाना है।
बैठक में ब्याज दरों में 2 प्रतिशत की कमी, सफाई कर्मचारी के मासिक मानदेय बढ़ाने, ऋण भुगतान सीधे लाभार्थी के खाते में जमा कराने एवं परियोजना प्रबन्धकों मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला कलेक्टरों के अधिकारों में बढोत्तरी का अनुमोदन किया गया। साधारण सभा की बैठक में अनुजा निगम की प्रबन्ध निदेशक श्रीमती संचिता बिश्नोई एवं विभिन्न जिलों से आये हुये सदस्य उपस्थित थे।