राजस्थान, हरियाणा और उत्तरप्रदेश साझा करेंगे कृषि क्षेत्र के नवाचार और तकनीक



जयपुर। कृषि मंत्री श्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि राजस्थान, हरियाणा और उत्तरप्रदेश किसानों की आय दोगुनी करने की मुहिम को मजबूती प्रदान करने के लिए अपने-अपने राज्य में हुए नवाचारों और कृषि तकनीक को साझा करेंगे।
श्री सैनी रोहतक हरियाणा में हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित तृतीय एग्रीलीडरशिप समिट में तीनों प्रदेशों के कृषिमंत्रियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। कृषि मंत्री श्री सैनी ने राज्य मे सरकार द्वारा हो रहे नवाचारों का प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि जैतून, खजूर, किनवा जैसी गैर परम्परागत फसलोें के उत्पादन में राज्य ने सफलता अर्जित की है। इन नवाचारों को अपनाकर किसानों की आय में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने बैठक में राज्य में बनाई जा रही जैतून की विश्व की प्रथम प्रसंस्कृत चाय और जैतून रिफायनरी के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में विभिन्न फसलों के लिए स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बारे में बताया। राज्य द्वारा किए जा रहे कार्यों की उत्तरप्रदेश और हरियाणा के कृषि मंत्री ने भूरी-भूरी प्रशंषा की।
हरियाणा के कृषि मंत्री श्री ओमप्रकाश धनखड़  और उत्तरप्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्यप्रताप शाही ने श्री सैनी से राज्य में हो रहे नवाचारों को उनके राज्यों से साझा करने का आग्रह किया, जिस पर सैनी ने तत्काल सहमति दे दी। कृषि मंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी होगी अगर हरियाणा और उत्तरप्रदेश के किसान भी राज्य में हो रहे नवाचारों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि करेंगे।
श्री सैनी ने बताया कि बैठक में तय हुआ है कि हरियाणा, उत्तरप्रदेश और राजस्थान कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में अपने-अपने राज्यों में हो रहे नवाचारों और तकनीक को साझा करेंगे। इसके लिए हरियाणा और उत्तरप्रदेश के कृषि वैज्ञानिकों का एक प्रतिनिधिमंडल राजस्थान आएगा और यहां आकर इनका अध्ययन करेगा।
इस अवसर पर श्री सैनी ने कहा कि उत्तरप्रदेश और हरियाणा में हो रहे नवाचारों के अध्ययन के लिए भी राजस्थान की ओर से भी एक कृषि वैज्ञानिकों का प्रतिनिधिमंडल भेजा जाएगा। उन्होने बताया कि इस प्रयास से निश्चित रूप से किसानों की आय को दोगुनी करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर हरियाणा सरकार के विभिन्न बोर्डों, आयोगों के अध्यक्ष और विधायक उपस्थित थे।