इस पेड़ की पूजा करने से शनि के प्रकोप से बचा जा सकता है!



इन दिनों ज्येष्ठ का अधिक मास चल रहा है यह 13 जून तक चलेगा. हमारे धार्मिक ग्रंथ के अनुसार में पीपल के पेड़ को श्रीकृष्ण का स्वरूप माना जाता है. इन दिनों पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाया जाता है. ऐसा कहा जाता है कि अगर हर रोज पीपल के पेड़ की पूजा की जाये जल चढ़ाया जाये तो कई तरह की परेशानी हमसे दूर रहती है साथ ही बुरी बलाए टल जाती है.

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक अधिकमास में अगर आप पीपल की हर रोज पूजा करते है तो इससे पूरा परिवार खुशहाल रहेगा संतान, धन, आयु जैसी भी इच्छाएं पूरी होगी. ऐसा भी माना गया है कि शनिवार को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाने से शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं. शास्त्रों में पीपल की जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु शाखाओं में शिवजी का वास बताया गया है.

आप शनिवार की सुबह सफेद कपड़े पहनकर पीपल की पूजा करते जल चढ़ाते है तो आपका मन प्रसन्न तो रहेगा ही साथ ही आपके ऊपर से शनि का प्रकोप भी दूर रहेगा. पीपल पर जल के साथ केसर, चंदन, अक्षत पुष्प आदि चढ़ाना चाहिए साथ ही अश्वत्थ मंत्र का जाप करें. इसके अलावा आप श्रीविष्णु-श्रीकृष्ण मंत्र का जाप करते हुए पीपल के पेड़ की 11 परिक्रमा करें. ऐसा करने से शनि दोष दूर रहता है साथ ही आप किसी भी प्रकार के बुरे प्रकोप से दूर रहते है.

अश्वत्थ मंत्र आयु:

प्रजां धनं धान्यं सौभाग्यंसर्वसम्पदम्।

देहि देव महावृक्ष त्वामहं शरणं गत:।।

श्रीविष्णु-श्रीकृष्ण मंत्र

दामोदरं पद्मनाभं केशवं गरुडध्वजम्।

गोविन्दमच्युतं कृष्णमनन्तमपराजितम्।