यूपी व राजस्थान में आतंक फैलाने वाली अन्तराज्यीय छैमार गिरोह के सात बदमाश गिरफ्तार


जिले में स्थानीय पुलिस एवं मथुरा एसओजी ने यूपी व भरतपुर जिले में आतंक का पर्याय बने अन्तर्राज्यीय छैमार गिरोह के सात बदमाशों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। गैंग से पूछताछ में जघीना, टोंटपुर  व चिकसाना में हत्या- डकैती सहित एक दर्जन से वारदातों का खुलासा हुआ है।

पुलिस अधीक्षक भरतपुर हैदर अली जैदी ने बताया कि यूपी व भरतपुर की संयुक्त पुलिस टीम ने सोमवार देर रात को कंजौली-सेवर रेल्वे लाईन के पास से इस गैंग को घेराबंदी कर धरदबोचा। गैंग ने भरतपुर में जघीना व टोंटपुर में हत्या व डकैती की सनसनीखेज वारदातों के अलावा साथियों के साथ नाउ का नगला व गुण्डवा, डीग, सेवर, उद्योगनर, चिकसाना क्षेत्र में दर्जनों डकैती की वारदातों को अंजाम दिया है।

इन्होंने मथुरा व आगरा क्षेत्र में भी वारदातें करना कबूल किया है। एसपी जैदी ने बताया कि हत्या- डकैती की वारदातों के खुलासे हेतु एएसपी मूलसिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक खलील अहमद, थानाधिकारी उधोगनगर चन्द्रप्रकाश चौधरी व अन्य पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई। टीम को यूपी के कन्नौज, फरूर्खावाद, शाहजहांपुर, बरेली की छैमार गैंग के बारे में सूचना प्राप्त हुई।

उधर, उत्तरप्रदेश में जिला फर्रूखाबाद में एसओजी टीम प्रभारी सबइंस्पेक्टर कुलदीप दीक्षित के नेतृत्व में साईबर एक्सपर्ट सत्येन्द्र यादव व अनुराग कुमार आदि की टीम भी इस गिरोह पर काम कर रही थी। पुलिस निरीक्षक श्री खलील अहमद को टीम के साथ मथुरा, आगरा, टुण्डला, सहारनपुर व शिकोहाबाद भेजकर इस गैंग का अपराधिक रिकार्ड एकत्रित करवाया। इसी दौरान दोनों टीमों का आपस में सम्पर्क हुआ। इसके बाद यह संयुक्त कार्रवाई की गई।

गैंग के अपराध करने का तरीका
एसपी जैदी ने बताया कि छैमार जाति के घुमकक्ड खानाबदोस हैं। ये गांवों व रेल्वे स्टेशन के आस-पास डेरा जमाकर ठिकाना बनाते हैं और दिन में जगह जगह भीख मांगने के बहाने अपराध करने के लिए घरों को चिन्हित करते हैं। घटना के आस-पास के कस्बा तक बस व ट्रेन से पहुंच जाते हैं। आरी, छैनी, टॉर्च, शराब व खाना लेकर टारगेट के पास सूने खेतों व जंगल में छुपकर बैठ जाते हैं।

वहीं, डण्डे आदि काटकर हथियार तैयार करते हैं तथा देवी की आराधना कर शराब का भोग लगाते हैं। फिर कपडे़ व जूते वहीं उतारकर शरीर में चिकनाई लगाकर कच्छा बनियान में चिन्हित घरों पर पहुंचते है तथा डण्डा लेकर घर के सदस्यों के सिरहाने खडे़ हो जाते हैं। जबकि गैंग के कुछ सदस्य घर की तलाशी लेते हैं। कीमती जेवरात व नकदी लूट लेते है।

यदि कोई सदस्य जाग जाये तो उसके सिर पर वार कर हत्या कर देते हैं। घटना के बाद नंगे पैर भागकर उस स्थान पर पहुंचते हैं और कपडे़ पहनकर आस-पास छिपकर इन्तजार करते हैं और सुबह 5-6 बजे पब्लिक में मिल जाते हैं तथा वाहनों से अपने-अपने डेरों की तरफ चले जाते हैं। रैकी करने के बाद घटना कारित करने के लिए अलग अलग डेरों से गैंग के सदस्य बुलाते हैं और वारदात को अन्जात देते हैं।

इसलिए छैमार कहलाता है यह गैंग, ये है गिरफ्तार सात बदमाश

एसपी  गिरोह का सरदार वह बदमाश बनता है जो कम से कम 6 लोगों की हत्या कर चुका हो, इसलिए इस गिरोह को छैमार गिरोह कहते हैं। संयुक्त टीम द्वारा गिरफ्तार फकीर छैमार जाति के बदमाश:-
1. अजमल शाह पुत्र नासिर (25) निवासी फकीरपुरा थाना इन्दरगढ कन्नौज
2. आरिफ पुत्र वकार (25) निवासी भोजपुर थाना भोजपुर,मुरादाबाद
3. नाजिम पुत्र हारून (25) निवासी सिरौली थाना सिरौली जिला बरेली
4. हारून पुत्र निजामुदीन (45) निवासी पितौंजा थाना जहानगंज जिला फर्रूखाबाद
5. ईसुब पुत्र नूर मोहम्मद (50) निवासी मकनपुर थाना भल्लावर जिला कानपुर
6. नदीम पुत्र मोहम्मद इकराम (19) निवासी भोजपुर थाना भोजपुर जिला मुरादाबाद
7. नाजिम पुत्र हामिद (28) निवासी उसैद थाना उसैद जिला बदायूं

इस गैंग का आपराधिक रिकार्ड, 50 से 60 आपराधिक केस दर्ज
प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार उक्त गैंग के बदमाश उत्तरप्रदेश के जिला फर्रूखाबाद, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, कानपुर, बरेली, बदांयु, कासगंज, एटा, मैनपुरी, कन्नौज में हत्या, लूट, डकैती जैसे गम्भीर अपराधों के 50-60 मुकदमे दर्ज हैं जिनका रिकार्ड प्राप्त किया जा रहा है। गिरफ्तार अभियुक्तों में से कई बदमाश गलत नाम पते लिखाकर हत्या व डकैती में जेल गये है तथा जमानत पर छूटने के बाद राजस्थान में आकर वारदात कर रहे हैं।