शास्त्रीनगर दुष्कर्म मामला; लाहोटी बोले- अपराधी खुलेआम घूमता रहा, सीएम को पार्टी मुखिया से फुर्सत नहीं


शास्त्रीनगर इलाके में 7 और 4 साल की मासूमों को 9 दिन के अंतराल में अगवा कर दुष्कर्म करने का मामला सोमवार को विधानसभा में भी गूंजा। सांगानेर से विधायक अशोक लाहोटी ने इस मामले में सरकार पर जमकर निशाना साधा। बजट सत्र के दौरान उन्होंने कहा कि अपराधी 65 बार दुष्कर्म की घटनाओं में वांछित है। मुख्यमंत्री को दिल्ली से फुर्सत नहीं है। वे अपने पार्टी के मुखिया को मनाने के लिए 65 बार दिल्ली की यात्रा कर चुके हैं।

लाहोटी ने कहा कि प्रदेश की राजधानी में एक जुलाई हम सबके लिए शर्मनाक रहा। सात साल की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म होता है। अपराधी सात दिन तक पुलिस की गिरफ्त से दूर रहा। अपराधी 65 बार दुष्कर्म की घटनाओं में जिवाणू नाम से जाना जाता है। पूरे प्रदेश में दुष्कर्म की घटना बढ़ी हैं।

खाचरियावास ने लाहोटी पर राजनीति करने का आरोप लगाया

इस दौरान प्रताप सिंह खाचरियावास ने अशोक लाहोटी पर राजनीति करने आरोप का लगाया। इस पर लाहोटी बोले कि ये इनका भी विधानसभा क्षेत्र है। काफी देर हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने मामला शांत कराया।

पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप

लाहोटी बोले कि ये जो जिवाणू नाम का व्यक्ति है, जनता ने एक स्वर से इसे किटाणू मानते हुए मांग की है कि इसे फांसी की सजा हो। राजस्थान की राजधानी का जो हाल है, जो शर्मिंदगी भरा है। इस घटना के बाद हजारों लोग सड़कों पर उतरे। जयपुर शहर में आतंक का माहौल है। जयपुर की सड़कों पर तांडव किया गया। लोगों के घरों पर पथराव किए गए। लोगों के घर जलाए गए। शीशे फोड़े, गाड़ियां तोड़ी गई और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। मैं ये जानना चाहता हूं कि इस घटना में किसका श्रेय था। पुलिस को मूकदर्शक बनाने के लिए किसका आदेश था। क्या किसी समुदाय विशेष को संरक्षण था। एक समुदाय विशेष को इस तरह की गुंडागर्दी की छूट देना राजस्थान के इतिहास में पहली बार देखने को मिला। जयपुर में अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया। जिसके बाद सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। आज की विधानसभा कार्यवाही स्थगित कर दी गई।