स्मृति ने कहा- मैं लोगों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल नहीं करती, इसलिए अमेठी में जीती


केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शनिवार को कोलकाता में कहा कि वह लोगों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल नहीं करती हैं। यही कारण है कि उन्होंने उत्तरप्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से जीत दर्ज की। स्मृति ने अमेठी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को 56,036 वोट से हराया था। फिलहाल, स्मृति मोदी सरकार में केंद्रीय कपड़ा और महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं।

स्मृति कोलकाता में आयोजित 17वें देवी अवॉर्ड प्रोग्राम में शामिल हुई थीं। उन्होंने कहा, ‘‘जब लोग भूखे हों और आप उनकी मदद से राजनेता बन जाएं, तो ऐसी स्थिति में मैं खुद को सहज नहीं पाती हूं। मैं लोगों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल नहीं करती। मैं लोगों के साथ घुलमिलकर परिवार की तरह रहना पसंद करती हूं।’’

‘राजनीति में एक्टिंग नहीं करती’
गांधी परिवार का नाम लिए बगैर स्मृति ने कहा, ‘‘वह परिवार जो इस सीट (अमेठी) पर पिछले पांच दशक से जीत रहा था। उसे 2019 में हारना नहीं चाहिए था।’’ उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में किसी फिल्मी कलाकार की तरह एक्टिंग करने पर विश्वास नहीं रखतीं।

2014 चुनाव में राहुल से हार गई थीं स्मृति
स्मृति ने कहा कि वे अमेठी के 25 लाख लोगों की समस्याओं को तलाशती हैं और पूरे उत्साह के साथ समाधान के लिए काम करती हैं। स्मृति ने 2014 लोकसभा चुनाव में भी राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से चुनाव लड़ा था। तब वे हार गई थीं। इसके बाद स्मृति ने लगातार पांच साल वहां के लोगों के लिए काम किया और अमेठी में अपनी पहुंच बनाए रखी। भाजपा ने उन्हें राहुल के खिलाफ 2019 में फिर टिकट दिया और इस बार स्मृति ने जीत दर्ज की।