एसओजी की कार्रवाई, 1 लाख 76 हजार के जाली नोट व बड़ी संख्या में हथियार बरामद


एसओजी ने जयपुर व सवाईमाधोपुर में बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में हथियार व एक लाख 76 हजार रुपए के जाली नोट बरामद किए हैं। इसमें सवाईमाधोपुर के कुशालीपुरा दर्रे में 23 पिस्टल मय मैग्जीन, सात अतिरिक्त मैग्जीन, 2 सायलेंसर व 20 जिन्दा कारतूस बरामद किए हैं। वहीं जयपुर रेलवे स्टेशन, से 1,76,000 रूपए की जाली भारतीय मुद्रा बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एटीएस एवं एसओजी अनिल पालीवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश से हथियारों की खेप सवाईमाधोपुर आने की सूचना मिली थी। एसओजी की एक टीम सवाईमाधोपुर पहुंची। सूचना के आधार पर श्योपुर रोड की तरफ से सवाईमाधोपुर की तरफ आ रहे एक व्यक्ति से पूछताछ के बाद तलाशी ली गई। तलाशी में उसकी पेंट की जेब से एक लोडेड पिस्टल व 6 जिन्दा कारतूस मिले।

उसके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें 23 पिस्टल मय मैग्जीन, 07 अतिरिक्त मैग्जीन, 2 सायलेंसर व 20 जिन्दा कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रेम सिंह पुत्र रामखिलाड़ी उम्र 26 साल निवासी बीचका पुरा, कटकड़, थाना हिण्डौन जिला करौली बताया। एसओजी ने उसे अरेस्ट कर लिया। पूछताछ में संदिग्ध ने बताया कि वह ये हथियार मध्यप्रदेश के खरगोन से लाया था। हथियार सवाईमाधोपुर में सप्लाई किए जाने थे। अभियुक्त का पूर्व में भी हथियार तस्करी में शामिल होना सामने आया है।

जाली नोट पकड़े, दो गिरफ्तार
एसओजी को पश्चिम बंगाल के पकौड से जाली नोटों की खेप जयपुर रेलवे स्टेशन आने वाली है। इस पर एसओजी की टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार एक व्यक्ति का नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम जगदीश पुत्र हनुमान चूला उम्र 22 साल निवासी ग्राम खण्डेल, थाना फुलेरा, जयपुर बताया। उसकी जिसकी तलाशी ली गई तो उसके पास 2000-2000 रूपये के 60 जाली नोट (1,20,000 रूपए) मिले।

दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम रामधन पुत्र मांगीलाल उम्र 25 साल निवासी ग्राम सिनोदिया, थाना फुलेरा, जयपुर बताया। तलाशी में उसके पास से 2000-2000 रूपए के 28 जाली नोट (56,000 रूपए) बरामद किए गए। इस प्रकार अभियुक्ता से कुल 1,76,000 रूपए के जाली नोट बरामद किए गए। एसओजी ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि यह जाली भारतीय मुद्रा पश्चिम बंगाल के पकौड़ जिला वर्धमान से लाए थे तथा इसे जयपुर ग्रामीण इलाके में खपाया जाना था