एसपी के पावर बढ़ेंगे, अब एसएचओ के खिलाफ कर सकेंगे कार्रवाई


जिलों में तैनात पुलिस अधीक्षकों को सरकार और ज्यादा पावरफुल बनाएगी। मौजूदा सेवा नियमों में एसपी के पास कांस्टेबल के खिलाफ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई के अधिकार हैं। सरकार चाहती है कि थानों पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए एसपी के पास एसएचओ तक के खिलाफ कार्रवाई के अधिकार हों। लेकिन ऐसा करने के लिए सरकार को सेवा नियमों में संशोधन करना होगा।

गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप का कहना है कि एसपी को ज्यादा जवाबदेह और अधिकार युक्त बनाने के लिए सरकार जल्द ही एक कमेटी बनाने के आदेश जारी करेगी। यह कमेटी पुलिस अधिकारियों की होगी। कमेटी यह देखेगी कि एसपी को और ज्यादा अधिकार देने के लिए सेवा नियमों में किस तरह के बदलाव किए जा सकते हैं। इसके बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट गृह विभाग को देगी। गौरतलब है कि बजरी खनन, हिरासत में मौत और थाने में सुनवाई नहीं होने पर आत्मदाह जैसे मामले को लेकर सरकार पिछले छह माह से लगातार विपक्ष के निशाने पर रही है।

समीक्षा बैठक में सीएम ने दिए थे निर्देश
पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीएमओ में लॉ एंड ऑर्डर की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए थे कि जिलों में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस अधीक्षकों काे और ज्यादा अधिकार व जिम्मेदारी दी जाए। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने बताया कि सिर्फ अधिकार देना ही सरकार का मकसद नहीं है, इसके साथ जवाबदेही भी तय की जाएगी। पिछले दिनाें चूरू के पुलिस थाने में हिरासत में हुई मौत को लेकर थाने पर तो कार्रवाई की गई, साथ ही यहां के एसपी राजेंद्र कुमार को भी सरकार ने एपीओ कर दिया। बजरी के मामले में फजीहत के बाद सरकार ने भरतपुर रेंज को ही बदल दिया था।