सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम फिर से जस्टिस जोसेफ का नाम सरकार को भेजेगी



सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने शुक्रवार को जस्टिस के.एम.जोसेफ को शीर्ष अदालत में प्रमोशन करने के लिए दोबारा सिफारिश की है. जस्टिस जोसेफ के साथ कुछ और जजों के नाम को भी नियुक्ति के लिए भेजा जाएगा. इस मामले में कॉलेजियम की अगली बैठक 16 मई को होगी, उस बैठक में ही ये नाम तय किए जाएंगे.

बता दें कि सरकार ने 26 अप्रैल को जस्टिस जोसेफ के नाम पर दोबारा विचार के लिए आई फाइल लौटा दी गई थी. शुक्रवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और कॉलेजियम के सभी सदस्य – जस्टिस जे चेलमेश्वर , जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकूर और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने करीब 1 घंटे की बैठक में फैसला लिया.

जस्टिस चेलमेश्वर ने लिखी थी चिट्ठी

कॉलेजियमकी बैठक पहले 9 मई को होनी थी लेकिन जस्टिस चेलामेश्वर के अवकाश पर होने की वजह से ये नहीं हो सकी थी. इसके बाद, चीफ जस्टिस ने कॉलेजियम की बैठक बुलाने का फैसला गुरुवार शाम को किया. इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे सीनियर जस्टिस चेलमेश्वर ने 9 मई को चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखकर उनके कॉलेजियम की बैठक बुलाने और जस्टिस जोसेफ के नाम की फिर से सिफारिश करने का अनुरोध किया थ. सरकार ने 26 अप्रैल को न्यायमूर्ति जोसेफ के नाम पर फिर से विचार करने का आग्रह करते हुये उनकी फाइल लौटा दी थी जबकि सीनियर एडवोकेट इन्दु मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त करने की कॉलेजियम की सिफारिश मंजूर कर ली थी.

10 अप्रैल को की गई थी सिफारिश

कॉलेजियम ने 10 जनवरी को न्यायमूर्ति जोसेफ और इन्दु मल्होत्रा के नामों की सिफारिश की थी. सरकार ने चीफ जस्टिस को भेजे पत्र में लिखा था कि जस्टिस जोसेफ के नाम का प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट के मानदंडों के अनुरूप नहीं था और पहले से ही केरल को पर्याप्त प्रतिनिधित्व हासिल है. सरकार ने जस्टिस के तौर पर शीर्ष अदालत में प्रमोशन के मामले में जस्टिस जोसेफ की वरिष्ठता पर भी सवाल उठाया था