चीनी विदेश मंत्री से सुषमा ने की मुलाकात



रूस, भारत और चीन ने आतंकवाद के हर स्वरूप की निंदा करते हुए इसे रोकने और इसका मुकाबला करने की पुन: पुष्टि की। तीनों देशों ने यह भी कहा कि आतंकी गतिविधि करने, उसका आयोजन करने, बढ़ावा देने या समर्थन करने वालों को जवाबदेह ठहराया जायेगा और उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा किया जायेगा। जानकारी के अनुसार, गर्मियों में हुए डोकलाम गतिरोध के बाद चीन की ओर से यह पहली उच्चस्तरीय यात्रा है। चीन के विदेश मंत्री भारत-चीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।

चीन की ओर से दावा किया गया था कि भारत का एक ड्रोन उसके एयरस्पेस में घुस गया है। उसने दावा किया कि ये ड्रोन भारत का है और क्रैश हो गया है। इस पर चीन ने आपत्ति जताई थी। भारत और चीन के बीच लगभग 72 दिन तक डोकलाम विवाद चला था। इसके बाद दोनों देशों ने विवादित क्षेत्र से अपनी-अपनी सेना वापस बुला ली थी।

इस मुद्दे के चलते भारत और चीन के संबंधों में काफी खटास आ गई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ चर्चा की जो सकारात्मक और आगे की ओर बढ़ने में मदद पहुंचाने वाली रही । यह बैठक रूस-भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले हुई।