सीरिया के राष्ट्रपति ने लौटाया सर्वोच्च सम्मान



सीरिया ने राष्ट्रपति बशर अल-असद को मिला फ्रांस का सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड ‘लीजन ऑफ ऑनर’ लौटा दिया है. बीबीसी के अनुसार उसने दमिश्क स्थित रोमानियाई दूतावास के जरिए यह अवॉर्ड लौटाया है. इसके बाद जारी बयान में सीरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘एक गुलाम और आतंकियों का समर्थन करने वाले अमेरिका के अनुचर देश से मिले अलंकरण को पहनने में राष्ट्रपति (बशर अल-असद) का कोई सम्मान नहीं है.’ सीरिया में कथित रासायनिक हमले के बाद बीते शनिवार को फ्रांस ने अमेरिका और ब्रिटेन के साथ मिलकर दमिश्क के बाहरी इलाके में बमबारी की थी.

फ्रांस मानवाधिकारों और प्रेस की आजादी को बचाने जैसे कार्यों के लिए सालाना तीन हजार लोगों को ‘लीजन ऑफ ऑनर’ अवॉर्ड से सम्मानित करता है. सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद को यह अवॉर्ड 2001 में फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति जैक शिराक ने दिया था. हालांकि, सीरिया में विद्रोहियों के खिलाफ रासायनिक हथियारों के कथित इस्तेमाल के बाद फ्रांस में उनसे यह अवॉर्ड वापस लेने मांग हो रही थी. बीते सोमवार को खुद फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने कहा था कि सीरियाई राष्ट्रपति से फ्रांस का सर्वोच्च सम्मान वापस लेने की प्रक्रिया चल रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक सीरिया के डूमा शहर में सात अप्रैल को हुए कथित रासायनिक हमले में 40 लोगों से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद फ्रांस ने कहा था कि उसके पास बशर अल-असद सरकार द्वारा यहां पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने के ठोस सबूत हैं. हालांकि, सीरिया ने इन आरोपों को गलत बताया था. वहीं, उसके खास सहयोगी रूस ने कहा था कि उसके पास ठोस सबूत हैं कि इस हमले को ब्रिटेन की मदद अंजाम दिया गया था.