

फ्रांस ने दावा किया है कि सीरिया पर किए गए मिसाइल हमले में असद सरकार के रासायनिक हथियारों का बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया है. न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक अमेरिका और फ्रांस के संयुक्त हमले के बाद फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां येवस ला द्रायन ने कहा कि हमने अपने हमले में सीरियाई सरकार के रासायनिक हथियारों के बड़े जखीरे को खाक कर दिया है.
‘केमिकल गैस अटैक में था असद का हाथ’
द्रायन ने रासायनिक हथियारों को खत्म करने का दावा करते हुए कहा कि उनके देश के पास इस बात की पक्की खुफिया जानकारी है कि हाल में हुए रासायनिक गैस हमले में सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद का हाथ था. ये हमला विद्रोहियों के कब्जे वाले दोमा में पिछले सप्ताह हुआ था. हमले में बड़ी तादाद में बच्चों समेत 60 लोगों की मौत हो गई थी. ला द्रायन ने कहा, रासायनिक हथियारों के मामले में एक खतरे का निशान है, जिसे पार नहीं करना चाहिए. अगर इसका उल्लंघन हुआ तो हम फिर दखल देंगे. लेकिन हमें लगता है कि सीरियाई राष्ट्रपति ने इस हमले से सबक सीख लिया है.
इस बीच, असद का समर्थन कर रहे रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने अमेरिकी हमले को युद्ध का संकेत कहा है. उन्होंने कहा कि इस हमले से सीरिया में लोगों की त्रासदी और बढ़ जाएगी. रूस ने कहा है कि वह इस मामले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने जा रहा है. सीरिया पर यह हमला अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने किया है.
इधर, असद ने इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा
इस हमले के बाद आतंकवाद को खत्म करने की सीरिया की प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है. हम किसी भी कीमत पर आतंकवाद को उखाड़ फेंकेगे
ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से अपनी बातचीत में असद ने कहा कि सीरिया पर हावी होना इतना आसान नहीं है. रूहानी ने असद का समर्थन करते हुए कहा कि ईरान सीरिया के साथ खड़ा है. ईरानी के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खमैनी ने कहा कि सीरिया पर यह हमला एक अपराध है और इससे किसी का कुछ भला नहीं होगा. अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन का यह हमला एक अपराध है. इससे पहले भी ये ताकतें, अफगानिस्तान और इराक पर हमला कर चुकी हैं. सीरिया पर भी हमला हुआ है लेकिन इससे उन्हें कुछ नहीं मिला.