सामने आई जेएनयू की पीड़ित लड़कियां, अगर हम लोग अब भी नहीं बोलते तो दूसरी लड़कियां….


नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर अतुल जौहरी के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज कराने वाली दो छात्राएं आज मीडिया के सामने आईं और अपनी बात रखी। मंगलवार को आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया था लेकिन आठ एफआईआर और मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िताओं के बयान दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने रिमांड नहीं मांगी और जौहरी को कुछ घंटे में ही जमानत मिल गई। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को जौहरी को गिरफ्तार कर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया, शाम को कोर्ट ने प्रोफेसर को जमानत दे दी थी।

दो पीड़ित छात्राओं ने कहा ‘अगर हम लोग अब भी नहीं बोलते तो दूसरी लड़कियां, जो जौहरी के साथ काम करती हैं या उनके अंडर रिसर्च करती हैं उनका भी वो शोषण करता। इसलिए हमने प्रोफेसर जौहरी के खिलाफ लड़ने का फैसला किया है। हमारे लिए ये बेहद परेशान करने वाला था कि कैसे जौहरी को कुछ मिनटों में जमानत मिल गई। हमारे ऊपर लगातर दबाव बनाया जा रहा है कि हम केस वापस ले लें। जेएनयू प्रशासन ने कोई कदम जौहरी के खिलाफ नहीं उठाया है।’

आठ एफआईआर होने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने जिस तरह का रवैया कोर्ट में अपनाया और रिमांड की मांग नहीं की, उसको लेकर लगातार जेएनयू के छात्र भी सवाल उठा रहे हैं और केंद्र की सत्ता में शामिल कुछ लोगों के करीबी होने का फायदा उनको मिलने की बात कह रहे हैं।

जौहरी के खिलाफ जेएनयू की 9 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई है। स्कूल ऑफ लाइफ साइंस के प्रोफेसर जौहरी के खिलाफ 8 एफआई दर्ज हैं। जौहरी की गिरफ्तारी को लेकर विश्वविद्यालय के छात्र बीते कई दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र-छात्राएं सोमवार शाम जेएनयू के छात्रों ने आरोपी प्रोफेसर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वसंत कुंज थाने के सामने विरोध-प्रदर्शन किया था। इस दौरान छात्रों ने नेल्सन मंडेला रोड पर जाम लगा दिया था। पुलिस की छात्रों से झड़प भी हुई थी।

इससे पहले जेएनयू छात्रसंघ और जेएनयू शिक्षक संघ ने सोमवार और मंगलवार को आरोपी प्रोफेसर अतुल जौहरी को सस्पेंड और गिरफ्तार करने की मांगों को लेकर यूनिवर्सिटी में स्ट्राइक किया था। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई में देरी करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित छात्राओं का समर्थन दिया था और जौहरी की गिरफ्तारी की मांग की थी। आरोपी प्रोफेसर अतुल का कहना है कि उनके खिलाफ शिकायत करने वाली छात्राओं की अटेंडेंस क्लास में कम है, इसलिए वे कार्रवाई से बचने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही हैं। जौहरी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बिल्कुल बेबुनियाद बताया है।