दुष्कर्मी दरिंदे को 11 माह में सजा, आखिरी सांस तक जेल में रहेगा


नागौर जिले के मेड़ता में पॉक्सो न्यायालय ने 7 साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में महज 11 माह में ही आराेपी काे उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही आईपीसी की विभिन्न धाराओं में उसे 7 से 10 वर्ष तथा आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 5 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

मकराना के निकट एक गांव में 28 जुलाई 2018 को 7 वर्षीय मासूम से पीलवा थानान्तर्गत रिड़ निवासी कानाराम ने उस समय दुष्कर्म किया, जब वह साथी बच्चों के साथ खेल रही थी। आरोपी उसे कुरकुरे दिलाने के बहाने ले गया और एक सूने बाड़े में उससे घिनौनी हरकत की। खून से लथपथ मासूम जब अपने भाई-बहनों के पास आई तो जमीन पर गिर गई। मासूम ने पूरा घटनाक्रम परिजनों को बताया। 11 सितंबर 2018 को पुलिस ने आरोपी कानाराम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में यहां पॉक्सो कोर्ट में चालान पेश कर दिया। इस दौरान अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए लोक अभियोजक दौलतसिंह राठौड़ ने कुल 31 गवाह न्यायालय में पेश कर उनके बयान कलमबद्ध कराए।

चार में से दो धाराओं में आजीवन कारावास

मेड़ता पॉक्सो न्यायालय की न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने इसे बड़ा अपराध बताया। उन्होंने त्वरित न्याय करते हुए आरोपी कानाराम को आईपीसी की धारा 363 में 7 वर्ष की कैद व 50 हजार का जुर्माना, आईपीसी की धारा 366 में 10 साल की कैद व 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।

इसके अलावा न्यायालय ने आईपीसी की धारा 376 एबी में आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए जीवन पर्यन्त जेल में रखने तथा 2 लाख का जुर्माना वसूलने के आदेश दिए और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 में भी उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए जीवन पर्यन्त जेल में रहने की सजा सुनाई। साथ ही 2 लाख का जुर्माना भी लगाया। इस तरह न्यायालय ने आरोपी को जीवन पर्यन्त यानि जीवन की आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाते हुए 5 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया।