राज्यवर्धन और गजेंद्र सिंह शेखावत समेत इन चार सांसदों के मंत्री बनने की संभावना


नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार गुरुवार को दिल्ली में दूसरी बार शपथ लेगी। जिसमें राजस्थान से चार मंत्री हो सकते हैं। इनमें राज्यवर्धन राठौड़, कैलाश चौधरी, गजेंद्र सिंह शेखावत और अर्जुन राम मेघवाल के नाम शामिल हैं।  बताया जा रहा है कि चारों को फोन कर दिल्ली आने का न्यौता दिया जा चुका है। जिसके बाद पीएम मोदी के साथ चाय पर चर्चा की गई। किसे कौनसा मंत्रालय दिया जाएगा इसपर फिल्हाल सस्पेंस बरकरार है। इससे पहले 2014-19 की सरकार में राज्यवर्धन राठौड़, गजेंद्र सिंह शेखावत और अर्जुन राम मेघवाल मंत्री रह चुके हैं।

इधर दिल्ली से फोन आने के बाद सभी सासंदों के घर जश्न का माहौल है। बड़ी संख्या में समर्थक अपने-अपने सासंदों को बधाई देने पहुंचे। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करते हुए भाजपा ने राजस्थान की सभी 25 सीटों पर कब्जा किया है। जिसमें 7 ऐसे सांसद भी रहे जिन्होंने पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा। जिसमें कैलाश चौधरी भी एक हैं।

2014 में सिर्फ एक सांसद ने ली थी शपथ

बता दें कि 2014 में राजस्थान से मात्र 1 सांसद निहाल चंद मेघवाल को ही मंत्री बनाया गया था। जिसके बाद पहले मंत्रिमंडल विस्तार में राज्यवर्धन राठौड़ और सांवरलाल जाट को मंत्री बनाया गया था। अगले विस्तार में जाट और निहाल चंद को हटाकर अर्जुन राम मेघवाल, पीपी चौधरी और सीआर चौधरी को मंत्री बनाया गया। इसके बाद हुए विस्तार में गजेंद्र सिंह शेखावत मंत्री बने। यह सभी राज्यमंत्री रहे। राजस्थान में एक भी मंत्री ऐसा नहीं रहा जिसका कार्यकाल पूरे पांच साल का रहा।

देश से 60 से ज्यादा लोगों को न्यौता

शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रदेश से 60 से ज्यादा लोगों को न्यौता दिया गया है। जिसमें प्रदेश पदाधिकारी और जिला अध्यक्ष शामिल है। इसके साथ कोर कमिटी के सदस्यों को भी निमंत्रण दिया गया है।

इस बार शपथ ग्रहण में 8000 मेहमान

मोदी के शपथ ग्रहण में इस बार देश-विदेश के करीब 8000 मेहमानों को आमंत्रित किया गया है। इस बार यह संख्या सबसे अधिक है। इससे पहले प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण में 3500 से 5000 तक मेहमान हिस्सा लेते रहे हैं।

बिम्सटेक के सदस्य देशों को दिया गया न्योता

मोदी के शपथ ग्रहण में बिम्सटेक (बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकनॉमिक कोऑपरेशन) के सदस्य देशों को आमंत्रित किया गया है। बिम्सटेक देशों में नेपाल, भूटान, मॉरिशस के प्रधानमंत्री, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार के राष्ट्रपति, थाईलैंड, किर्गिस्तान के प्रमुख शामिल होंगे। इन मेहमानों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। पिछली बार सार्क देशों के प्रमुख शामिल हुए थे, जिसमें पाकिस्तान भी शामिल था। इस बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री काे नहीं बुलाया गया है।