गरबा देखने आए श्रद्धालुओं पर देवी पंडाल से सटी चट्टान गिरी; दो बच्चियों की मौत, पांच लोग घायल


कातनवाड़ा पंचायत के मांडवा गांव में नालुआ माता मंदिर की पहाड़ी पर गुरुवार रात चट्‌टान गिरने से गरबा देखने आई दो बच्चियों की मौत हो गई। पांच और लोग घायल हो गए, जिनमें से एक बच्ची की हालत गंभीर बताई गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि रात करीब 10 बजे नालुआ माता के दर्शन कर कुछ बच्चे और महिला-पुरुष गरबा देखने मंदिर के पास बने पंडाल से सटी चट्‌टान के पास जा पहुंचे थे। हालांकि गरबा शुरू नहीं हुआ था। चट्‌टान एकाएक दरक कर आ गिरी। तेज आवाज सुनकर गरबा आयोजकों में से कुछ लोग इस ओर पहुंचे। मलबे के बीच चप्पल, ओढ़नी देख किसी के दबने की आशंका हुई। इस पर तुरंत मलबा हटाना शुरू किया।

बड़े पत्थर तले दबने से पाल सेपुर की नर्बदा (12) पुत्री देवीलाल मीणा की मौके पर मौत हो गई, जबकि मांडवा की गीता (11) पुत्री धनराज मीणा ने सराड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दम तोड़ दिया। पाल सेपुर की सपना (10) पुत्री देवीलाल, रतनी पत्नी गमीर लाल, शान्ति देवी पत्नी  भैरूलाल मीणा, भगवतीलाल पुत्र रोड़ीलाल मीणा और लक्ष्मण पुत्र धुलेश्वर मीणा निवासी मांडवा को उदयपुर रेफर किया गया। नर्बदा और सपना किसी परिजन के घर मांडवा आई थीं। सपना की हालत भी गंभीर है। सूचना पर सराड़ा तहसीलदार डाया लाल डामोर, एसएचओ देवेंद्र सिंह जाप्ता लेकर पहुंचे। नर्बदा का शव निकालने के लिए जेसीबी मंगवानी पड़ी।

ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के चलते गरबा स्थल के पास चट्‌टान गिरने का अंदेशा था, क्योंकि पत्थर-मिट्‌टी ढीले हो चुके थे। गरबा आयोजक रोज निगरानी के साथ इस तरफ किसी को भी नहीं जाने देते थे। हादसे के समय भी आयोजक इस तरफ सिर्फ इसलिए नहीं पहुंचे थे, क्योंकि गरबा शुरू होने में देरी थी। अमूमन साढ़े नौ बजे गरबा शुरू होते ही यहां सैकड़ों लोग जुटते हैं।