आसीन्द के 20 गांवों तक पहुंचा चम्बल का मीठा पानी, जल्द होगी संपूर्ण क्षेत्र में  पेयजल की समस्या दूर 



जयपुर । जलदाय विभाग के प्रयासों से भीलवाड़ा जिले की आसीन्द एवं बदनोर तहसील के गांवों को चम्बल-भीलवाडा पेयजल परियोजना से जोड़कर इन क्षेत्रो मे चंबल का मीठा पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 19 गांवाें को इस परियोजना से जोड़कर लगभग 38 हजार से ज्यादा लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है। शेष बचे गांवाें में भी जल्द ही शुद्ध चंबल पेयजल उपलब्ध होने लगेगा।
विभाग द्वारा भीलवाड़ा-चंबल की निरंतर समीक्षा करते हुए पेयजल की किल्लत से सबसे ज्यादा प्रभावित आसींद और बदनौर को चंबल के मीठे पानी से जोड़ने के निर्देश दिए थे। वर्तमान मे 13 टीमें विभिन्न गांवों में कार्य कर रही है। परियोजना का शुद्ध चंबल जल बदनोर पम्पिंग स्टेशन तक पहुंच चुका है और शीघ्र ही बदनोर कस्बे और इससे जुड़े गांवाें को भी मिलने लगेगा।
जिले के आसीन्द तहसील के बडे गांव जैसे सरेरी, कालियास, आकड़सादा,  लाछूड़ा, पालड़ी, बरसनी, कांवलास आदि में पेयजल की भारी कमी थी और गहराई में उपलब्ध पानी गुणवत्ता विहीन होने से पीने योग्य भी नही था। ऎसे में चंबल परियोजना से इन क्षेत्रवासियों को मीठा पानी मिलने लगा है।
गौरतलब है कि भीलवाड़ा जिले की ग्रामीण क्षेत्र के आसीन्द एवं बदनोर तहसील के 205 गांव व आसीन्द कस्बे में पेयजल की कमी को दूर करने के लिए चम्बल परियोजना फेज-द्वितीय पैकेज प्रथम का कार्यादेश मैसर्स आईवीआरसीएल लिमिटेड हैदराबाद को जारी किया गया था। इसके तहत आसीन्द विधानसभा क्षेत्र के 205 गांव एवं कस्बा आसीन्द को पेयजल से लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है।
वर्तमान में 234.93 करोड़ रुपए की स्वीकृति के विरूद्ध परियोजना में 187.96 करोड धन राशि का व्यय कर 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है और शेष बचा काम भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। परियोजना के अन्तर्गत 7 स्वच्छ जलाशय, 53 उच्च जलाशय एवं 7 पम्पिंग स्टेशन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। साथ ही 3348 पीएसपी, 749 सीडब्ल्यूटी एव 205 वीटीसी का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। अभी पैेकेज के कमीशनिंग का कार्य चल रहा है, जो शीघ्र ही पूरा कर तहसील के सभी 205 गांवों में चंबल का पानी मुहैया करा दिया जाएगा।