इन वृक्षों की पूजा करने से पूरी होती हैं सभी मनोकामना



शास्त्रों में कुछ वृक्ष हैं, जिनका महत्व देवताओं के समान है। इन वृक्षों की पूजा करने से सभी मनोकामना पूरी होती हैं। ऐसे ही पूजनिय वृक्ष पीपल भी है। पीपल के लिए ऐसा माना जाता है कि इसके पत्ते-पत्ते में देवताओं का वास रहता है। पीपल के लिए अथर्ववेद और छंदोग्य उपनिषद में इस वृक्ष के नीचे देवताओं का स्वर्ग बताया गया है। पीपल के मूल में विष्णु, तने में कृष्ण, शाखाओं में नारायण, पत्तों में भगवान श्री हरि और फलों में सभी देवताओं का वास है। पीपल के पेड़ की पूजा करने से सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

  • अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और लक्ष्मीजी का वास होता है। इस कारण से इस दिन पीपल की पूजा करने से जीवन से गरीबी का नाश होती है व घर में समृद्धि आती है।
  • पीपल के पेड़ की जड़ में प्रति दिन जल चढ़ाने से कुंडली के सभी दोषों का निवारण होता हैं, इसके साथ व्यक्ति को सौभाग्य की प्राप्ती होती है।
  • पीपल की पूजा करने पापों का नाश होता है। पीपल वृक्ष के लिए पद्मपुराण में कहा गया है कि पीपल को प्रणाम करने और इसकी परिक्रमा करने से आयु बढ़ती है।
  • पीपल के पेड़ में पितरों का वास भी माना जाता है। इस एक पेड़ में सभी तीर्थों का निवास होता है।
  • पीपल के वृक्ष के नीचे मुंडन आदि पवित्र संस्कार कराए जाते है।
  • शनि दोष से बचने के लिए हर शनिवार को पीपल में जल चढ़ाकर सात परिक्रमा करना चाहिए।

पीपल के पेड़ के संबंध में धार्मिक मान्यता के साथ साथ इसका वैज्ञानिक महत्व भी है। वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार पीपल का पेड़ ही एकमात्र ऐसा वृक्ष है जो कभी कार्बन डाईआक्साइड नहीं छोड़ता इस कारण से इसके पास जाने से कई रोगों से मुक्ति मिलती है।