चिकित्सकों को लोन दिलवाकर शेयर मार्केट में निवेश के बहाने करोड़ों की ठगी, सरगना समेत तीन गिरफ्तार

संगठित गिरोह बनाकर सैकड़ों चिकित्सकों को ऋण दिलवाकर शेयर मार्केट में निवेश करवाने के नाम पर करोड़ों रूपये की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना डॉक्टर व एक युवती सहित तीन आरोपियों को गुरुवार को एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एटीएस एवं एसओजी अनिल पालीवाल ने बताया कि काफी संख्या में चिकित्सकों ने एसओजी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि कुछ लोगों द्वारा संगठित गिरोह बनाकर कई जिलों के चिकित्सकों के साथ ऋण दिलवाने के नाम पर ठगी की जा रही है।

एडीजी अनिल पालीवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अमित शर्मा पुत्र सुरेश चन्द शर्मा (42) निवासी- बी-88, कीर्ति नगर, टोंक रोड़, जयपुर हाल बी-1101, स्काई टेरीसेज, वी.टी. रोड़, मानसरोवर, जयपुर, डॉ0 रामलखन डिसानिया पुत्र जगदीश डिसानिया (38) निवासी डिसानिया की डाणी आला का बास डूंगरी थाना जोबनेर जयपुर व नेहा जैन उर्फ रानी जैन पुत्री स्व0 श्री अशोक कुमार जैन (23) निवासी बी-42 शिवनगर जनता कालोनी है।

प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया कि तीनों अभियुक्त रामलखन डिसानिया, जो पेशे से स्वंय चिकित्सक है, का फायदा उठाते हुए चिकित्सकों से सम्पर्क करते है। उन्हे बड़ी होटलों में मीटिंग व पार्टियॉ आयोजित कर उनके द्वारा व्यवसाय/शेयर मार्केट में निवेश करने का लालच देते है। गिरोह में मौजूद बैंककर्मी व वित्तीय संस्थाओं के पदाधिकारी चिकित्सकों को बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं से भारी ऋण उपलब्ध करवाते है।

इसके बाद उक्त ऋण के पैसों को स्ंवय द्वारा संचालित व्यवसाय में निवेश करवा देते हैं। जहॉ से प्रतिमाह दस हजार से एक लाख रूपये तक के मुनाफे का लालच दिया जाता है। ऋण की अदायगी भी मासिक ईएमआई भी उसी मुनाफे की रकम से चुकाने का झांसा दिया जाता है। इस संबंध में अभियुक्तों द्वारा वर्ल्ड ट्रेड पार्क में एक आफिस का भी संचालन कर रखा था।

अभियुक्तों द्वारा चिकित्सकों को जल्द ही फार्मा, माईनिंग व प्रोपर्टी में निवेश कर भारत की प्रसिद्ध फर्म बनने का भी झांसा दिया गया। उक्त मीटिंग में चिकित्सकों को आकर्षित करने के लिए ईएमआई के अतिरिक्त लाभ से उन्हे आई फोन, महंगी कारे जैसे ऑडी, बीएमडब्ल्यू आदि कम ब्याज पर दिलवाने का प्रलोभन भी दिया गया। अभियुक्तों से गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में गहन पूछताछ जारी है।

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