ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए महिलओं को डाइट में खाना चाहिए ये फूड्स



न्यूट्रीशस डाइट हमें न केवल हेल्दी रखती है, साथ ही राइट डाइट ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना को भी कम करती है। इस समस्या से बचने के लिए न्यूट्रिशन कंसल्टेंट डॉ. नीलांजना सिंह बता रही हैं कि डाइट में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। वर्तमान समय में हर 28 भारतीय महिला में से एक महिला को अपने जीवनकाल में ब्रेस्ट कैंसर का सामना करना पड़ता है। यह एक चिंताजनक स्थिति है। ऐसे में महिलाओं को स्वयं के स्वास्थ्य को लेकर सचेत होने की जरूरत है। अगर वे अपनी लाइफस्टाइल के साथ-साथ डाइट को लेकर कॉन्शस रहें, तो ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है।

एक्सेसिव न हो फैट

ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को कम करने के लिए आवश्यक है कि आप अपने डाइट में एक्सेसिव फैट का इस्तेमाल न करें। इससे आप न सिर्फ हेल्दी रहती हैं, बल्कि आपका वजन भी काफी हद तक बैलेंस रहता है। दरअसल, जब हम ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को कम करने की बात करते हैं, तो इसमें हमारा वजन भी एक अहम रोल निभाता है। याद रखें कि हमारा ओवरवेट होना या जरूरत से ज्यादा वेट पुट ऑन करने से ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है। इसके अलावा ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को कम करने के लिए आपको टांसफैट युक्त डाइट से भी दूरी बना लेनी चाहिए। टांसफैट को हमारी बॉडी बहुत अच्छी तरह प्रोसेस नहीं करता है। कभी-कभी जब हम तेल को बहुत ज्यादा पकाते हैं, तो भी इसमें टांसफैट बन जाता है। साथ ही वेजीटेबल ऑयल, मीट से भी ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है।

प्लांट बेस्ड डाइट

ब्रेस्ट कैंसर से लड़ने के लिए आप ज्यादा से ज्यादा प्लांट बेस्ड डाइट खाएं। प्लांट बेस डाइट का मतलब है कि आप फल और सब्जियों को अपने आहार में अधिक से अधिक मात्रा में शामिल करें। इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां के अलावा टमाटर, नीबू, गाजर, ब्रोकली, लहसुन, शिमला मिर्च, बैंगन को भी अपने आहार में नियमित रूप से लें। आपको हर दिन कम से कम पांच कप फल और सब्जी का सेवन अवश्य करना चाहिए। अगर आपको समझ नहीं आ रहा है कि कौन-कौन-सी सब्जियों को अपने डाइट में शामिल करें तो जान लें कि हरे रंग या गाढ़े हरे रंग और लाल रंग की सब्जियों का सेवन ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को काफी हद तक कम करेगा।

कहने का मतलब है कि आपकी ओवरऑल डाइट ऐसी होनी चाहिए, जो हेल्दी हो और आपके इम्यून सिस्टम को बूस्ट करती हो। जब आपका इम्यून सिस्टम मजबूत होगा, तो आपका शरीर खुद-ब-खुद बीमारियों को रोकने में और उनसे लड़ने में सक्षम हो जाएगा।