सावन का पहला सोमवार आज, शिवालयों में गूंजे बम-बम के जयघोष


सावन का पहला सोमवार और सावन कृष्ण पंचमी को नाग पंचमी पर्व एक साथ मनाई जा रही है। सुबह से ही महिला औऱ पुरुष शिव अभिषेक, पूजन व अराधना करने मंदिर पहुंचे। जयपुर के झारखंड महादेव, ताड़केश्वर, रोजगारेश्वर सहित अन्य कई मंदिर में भी इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालू पहुंचे। जहां सुबह से ही रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक का दौर जारी है। भगवताचार्य पं. रामवतार मिश्र ने बताया कि इस दिन रुद्राभिषेक करने से संतान सुख में बाधा नहीं आती है। जिन लोगों की कुंडली में पितृदोष या कालसर्प योग है, उन्हें इस पूजन से शांति मिल सकती है।

इस सावन के हर सोमवार पर बन रहा हैं विशेष संयोग

इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ेंगे। चारों ही सोमवार को विशेष संयोग पड़ रहे हैं। ये अद्भुत योग वर्षों बाद आ रहे हैं। सावन में दो सोमवार को कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में पंचमी तिथि नाग पंचमी है, तो दो सोमवार को सोम प्रदोष व्रत है। सोम प्रदोष को भगवान शिव का अभिषेक रुद्राभिषेक और उनका श्रृंगार करने का शास्त्रों में बहुत ही महत्व बताया गया है।

सोम प्रदोष पर महादेव के पूजन से मनोवांछित फल की प्राप्ति
पं. मिश्र ने बताया कि सोम प्रदोष को महादेव की पूजा अर्चना से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। विवाह योग्य युवाओं की शादी-विवाह की अड़चनें दूर होती हैं। संतान की इच्छा रखने वाले लोगों को इस दिन पंचगव्य से महादेव का अभिषेक करना चाहिए। लक्ष्मी प्राप्ति और कारोबार में सफलता के लिए दूध से अभिषेक कर फूलों की माला समर्पित करने से हर काम में सफलता प्राप्त मिलती है।